बागेश्वर में भारी बारिश के बाद उफान पर आई सरयू नदी। संवाद
बागेश्वर/कांडा/कौसानी। जिले में भारी बारिश के बाद जनजीवन प्रभावित हो गया। 11 सड़कों पर यातायात बाधित है। दुगनाकुरी के गांवों में पेयजल योजना ध्वस्त होने से पेयजल संकट बना हुआ है। भारी बारिश के बाद सरयू नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है।
बुधवार की रात से बृहस्पतिवार की सुबह तक जिले में झमाझम बारिश हुई। इस दौरान कपकोट विकासखंड में 115, गरुड़ में 29 और बागेश्वर में 16 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद सरयू नदी का जलस्तर बढ़कर 867.50 मीटर तक पहुंच गया। गोमती नदी का जलस्तर भी बढ़कर 864.30 मीटर हो गया था। भारी बारिश के दौरान भूस्खलन और मलबा आने से 14 सड़कों पर यातायात बाधित हो गया था। पूरे दिन सड़कों को खोलने का काम जारी रहा। शाम तक हरसीला-पुड़कूनी, कपकोट-लीली और पोथिंग-शोभाकुंड सड़क को खोल दिया गया। वर्तमान में मुनार-गांसी, भयूं-गुलेर, चेटाबगड़-भनार, कपकोट-कर्मी, भयूं-गडेरा, काफलीकमेड़ा, विजयपुर-भाटगाड़-रनकांडे, भानी-हरसिंग्याबगड़, सनेती-बैकोड़ी, रमाड़ी-कनौली-भलौड़ी और पगना-सक्तेश्वर सड़कों पर यातयात बाधित है।
दुगनाकुरी तहसील में विगत दिनों हुई बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त पेयजल योजना की जांच करने के लिए जल संस्थान की टीम मौके पर गई। महोली, किड़ई और पचार गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारू करने के लिए विभाग वैकल्पिक व्यवस्था बनाने की तैयारी कर रहा है। इधर, बारिश के दौरान कांडा मोटर मार्ग के बुड़घुना में पेड़ टूटने की स्थिति में आ गया था। पेड़ टूटकर गिरता तो वाहनों की आवाजाही बाधित हो जाती। सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर जाकर पेड़ को काटकर खतरे को टाला। संवाद