कपकोट के मिकिला खलपट्टा गांव में भारी ओलावृष्टि से फसल और सब्जी बर्बाद हो गई, जबकि आसपास के अन्
बागेश्वर। कपकोट तहसील क्षेत्र के ऊंचाई वाले इलाके में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। मिकिला खलपट्टा गांव में भारी ओलावृष्टि से फसल और सब्जी बर्बाद हो गई, जबकि आसपास के अन्य गांवों में भारी बारिश हुई। हालांकि जिला मुख्यालय में तेज धूप के कारण लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ा।
इस साल मार्च से मई के पहले सप्ताह तक जिले में बारिश का दौर चला जिस कारण लोगों को गर्मी का अहसास नहीं हो रहा था। पिछले एक सप्ताह से मौसम साफ रहने से जिला मुख्यालय समेत कपकोट, गरुड़ के नगरीय इलाकों में भीषण गर्मी पड़ने लगी थी। इन इलाकों में बुधवार को भी मौसम साफ रहने से लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ा, लेकिन कपकोट के ऊंचाई में बसे गांवों में दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट बदल ली।
मिकिला खलपट्टा गांव में करीब 20 मिनट तक ओलावृष्टि हुई तो आसपास के गांव झूनी, खलझूनी, बैछम आदि में हल्की ओलावृष्टि के साथ बारिश हुई। सामाजिक कार्यकर्ता विनोद सिंह घुघत्याल ने बताया कि ओलावृष्टि से गेहूं, जौ, आलू, मटर, कीवी, सेब आदि बर्बाद हो गए और किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। मौसम में बदलाव से ऊंचाई वाले गांवों में ठंडक लौट आई है।
इधर जिला मुख्यालय में पूरे दिन तेज धूप निकली रही। लगातार मौसम साफ रहने के बाद अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। लोग गर्मी से बचने के लिए शीतल पेय पदार्थ का सहारा ले रहे हैं।