नगर से लगे मंडलसेरा में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के बजाए योजना से नई लाइन देने की कार्रवाई से लोग भड़क गए हैं।
मंडलसेरा वासियों का आरोप है कि जल संस्थान के स्थानीय कर्मचारी और अधिकारी मात्र कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए हजारों लोगों के लिए संकट पैदा कर रहे हैं।
उन्होंने विधायक, डीएम और जल संस्थान के अधिकारियों से मुलाकात की। मंडलसेरा वासियों की संयुक्त जन कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने पहले जिलाधिकारी भूपाल सिंह मनराल को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। बाद में समिति के पदाधिकारी जल संस्थान कार्यालय पहुंचे।
उन्होंने यहां ज्ञापन दिया। उनका कहना है कि इलाके में पहले से ही पेयजल का भारी संकट है। संस्थान लोगों को टैंकरों से पानी बांट रहा है।
इसी समस्या के चलते हाल ही में मुख्यमंत्री ने यहां के लिए नलकूप योजना मंजूर की है, लेकिन जल संस्थान के स्थानीय अधिकारी और कर्मरी मंडलसेरा की पेयजल योजना को सुदृढ़ करने के बजाए हजारों लोगों की सुविधा का ध्यान रखे बगैर योजना के भनार स्थित जलाशय के समीप से दो इंच की लाइन बना रहे हैं। यह काम ठेकेदार से कराया जा रहा है।
इससे धन का भी दुरुपयोग हो रहा है। दो इंच मोटी लाइन बनने के बाद पहले के उपभोक्ताओं को पानी नहीं मिल पाएगा। उन्होंने मूल श्रोत की क्षमता बढ़ाने, फिल्टर के समीप टैंक की मरम्मत करने, चुपराड़ी तक पेयजल लाइन बिछाने, जल वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने, पानी खोलने का समय तय करने की मांग की।
इस संबंध में तमाम लोग विधायक चंदनराम दास से उनके आवास पर मिले। विधायक ने कहा कि योजना की क्षमता बढ़ाए बगैर नई लाइन बनाना ठीक नहीं है। इस मामले में अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
इस मौके पर समिति के अध्यक्ष भूपाल सिंह देवली, सचिव हीरा सिंह टाकुली, देव सिंह बिष्ट, हयात सिंह पंचपाल, हर्ष सिंह देव, दीवान सिंह दानू, शैैलेंद्र चौहान, कीर्तन सिंह कालाकोटी सहित तमाम लोग थे।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता केएस खाती ने बताया कि इस मामले में लोगों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। सहायक अभियंता से इसकी जांच कराई कराई जाएगी। लाइन का काम गलत पाया गया तो इसे हटा दिया जाएगा।