ढपटी-झांकरा सड़क में बिजली के 11हजार केवी लाइन के तार टूटकर सड़क पर गिर गए हैं। तारों को नहीं जोड़ने से जहां क्षेत्र के गांवों में अंधेरा पसरा है।
वहीं राह चलते लोगों को भी करंट लगने का भी खतरा बना हुआ है। उधर कमस्यार घाटी के गांवों में 24 घंटे में सिर्फ दो घंटे ही बिजली की आपूर्ति हो रही है। ग्रामीणों ने आपूर्ति शीघ्र सुचारू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
गत दो दिन पहले ढपटी-झांकरा सड़क के समीप बिजली के 11 हजार केवी की मेन लाइन के तार टूटकर सड़क पर आ गए। तारों के टूटने के कारण झांकरा, ढपटी, गणेशपुर, गड़ुवामोली, भंतोला, शेरी और झांकरा गांवों में बिजली गुल है।
कुटीर उद्योग भी ठप पड़े हैं। झांकरा के ग्राम प्रधान गिरीश चंद्र जोशी ने बताया कि उन्होंने संबंधित जेई से तारों को जोड़ने के लिए कई बार मांग कर दी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सब स्टेशन में कोई फोन नहीं उठाता है।
उधर पल्ला कमस्यार क्षेत्र के गांवों में विजयपुर स्थित बिजली घर से पल्ला कमस्यार के कई गांवों में देवतोली, सानीउडियार, कपूरी, देवतोली, महतगांव, भेटा, डोबरगाड़ा, भद्रकाली, पैठाण, देवलबिछराल, भंडारीसेरा, कपूरी, चंतोला, धारीमध्या, करेड़ियागांव, थाणूं, सिमकूना, सानीउडियार, रावतसेरा, मलसूना, नरगोली, भैंसोड़ी, भद्रकाली,मलसूना, नरगोली, भैंसोड़ी, तुसरेड़ा, धारी मध्या, डोबरगाड़ा, नरगोली और रावतसेरा में 24 घंटे में सिर्फ दो घंटे ही बिजली की आपूर्ति हो रही है।
उन्होंने चेेतावनी दी है कि यदि आपूर्ति शीघ्र सुचारू नहीं हुई तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। चेतावनी देने वालों में कमस्यार घाटी संघर्ष समिति के अध्यक्ष सतीश उप्रेती, बीडीसी सदस्य कुंदन बोरा, नीमा राठौर, कृपाल सिंह रावत, सुरेश बनाई, सुरेश रावत और गोविंद दिगारी आदि शामिल हैं।
उधर विजयपुर स्थित बिजली घर के कनिष्ठ अभियंता रणजीत सिंह ने बताया कि सर्किट ब्रेकर में तकनीकी गड़बड़ी आई है। जिसे ठीक करने का काम चल रहा है। ब्रेकर के ठीक होते ही आपूर्ति सुचारू हो जाएगी। जेई ने बताया कि मौसम के ठीक होते ही ढपटी में टूटे तारों को जोड़ दिया जाएगा।