बागेश्वर। धरमघर-चुचेर सड़क पर हो रहे डामरीकरण पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर मिट्टी के ऊपर डामर चिपकाया जा रहा है। लोगों ने संबंधित विभाग से कार्य रुकवाकर दोबारा डामरीकरण करने की मांग की है।
धरमघर-चुचेर सड़क पर डामरीकरण का कार्य चल रहा है। इस पर स्थानीय लोगों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि डामरीकरण का कार्य मानकों के अनुसार नहीं हो रहा है। सड़क पर मिट्टी के ऊपर डामर चिपकाया जा रहा है। इस तरह से कार्य हुआ तो सड़क डामरीकरण के कुछ समय बाद ही क्षतिग्रस्त होने लग जाएगी।
क्षेत्र में तमाम सड़कों की बदहाली अथवा गड्ढे, सुरक्षा दीवार टूटने और कलवर्ट क्षतिग्रस्त होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सड़क के डामरीकरण कार्य में लापरवाही से लोगों की आवाजाही करने में दिक्कत अधिक बढ़ जाएगी। लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग को सड़क पर दोबारा डामरीकरण करवाना चाहिए। इस कार्य को मानकों के अनुसार गुणवत्तापूर्वक किया जाना चाहिए। बता दें कि कुछ दिन पहले इसी सड़क पर जेसीबी पलटने से दो लोगों ने जान गंवा दी थी। हादसे में तीन लोग घायल हुए थे।
पीएमजीएसवाई के ईई अनिल कुमार ने बताया कि सड़क पर डामरीकरण के कार्य में लापरवाही का मामला उनके संज्ञान में नही है। निरीक्षण के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। संवाद
सौंग-भनार सड़क पर घटिया डामरीकरण से ग्रामीणों में नाराजगी
बागेश्वर। भराड़ी-सौंग सड़क पर घटिया डामरीकरण होने से नाराज ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से कार्य की गुणवत्ता सुधारने की मांग की है। भराड़ी-सौंग सड़क पर 70 लाख रुपये की लागत से निर्माण कार्य चल रहा है। सड़क के किमी पांच से किमी 10 तक डामरीकरण का कार्य चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि डामरीकरण में गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है। सलिंग और बांसे में कुछ दिन पहले बिछाया गया डामर उखड़ने लगा है। ग्रामीणों ने बताया कि डामरीकरण का कार्य पूरा होने से पहले ही उखड़ना विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीण दयाल सिंह बड़ती, भगवत सिंह कोरंगा, हयात सिंह, सुंदर सिंह, भुवन कोरंगा, भरत सिंह, ललित कोरंगा आदि ने संबंधित विभाग से जल्द मामले की जांच करने की मांग की है। संवाद