बागेश्वर। कठपुड़ियाछीना जन संघर्ष समिति ने क्षेत्र की विभिन्न मांगों को लेकर डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने डीएम विनीत कुमार से कठपुड़ियाछीना की समस्याओं के निराकरण की मांग की है।
समिति से सदस्यों का कहना है कि विकास की दौड़ में कठपुड़ियाछीना क्षेत्र पिछड़ता जा रहा है। वर्षों से क्षेत्र की अनदेखी की जा रही है। खरही धूराफाट के इस क्षेत्र के लोगों को तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पेयजल की लगातार समस्या बनी रहती है। लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में डॉक्टर तक नहीं है। बीमारों और गर्भवती महिलाओं के लिए एंबुलेंस की सुविधा नहीं होने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
समिति के सदस्यों ने खरही, धूराफाट पेयजल योजना को सुुधारने, आईटीआई कठपुड़ियाछीना को खोलने, तहसील काफलीगैर में तहसीलदार की तैनाती करने, कठपुड़ियाछीना में बंद पड़े शौचायल को तुड़वाने, नंदीगांव (बोहाला) में बंद पड़े बीएसएनएल टॉवर को संचालित करने, पीएचसी बोहाला में डॉक्टर नियुक्त करने, क्षेत्र में नई एंबुलेंस की सेवा शुरू करने मांग की है। वहां समिति अध्यक्ष नरेंद्र रावत, महेश मिश्रा, एनके मिश्रा आदि शामिल थे।
सांसद निधि से स्टेबलाइजर लगाने की मांग की
बागेश्वर। जन संघर्ष समिति कठपुड़ियाछीना ने दाणोछीना स्थित नलकूप में सांसद निधि से सर्वो स्टेबलाइजर लगाने की मांग की है। राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा को सौंपे ज्ञापन में समिति का कहना है कि नलकूप में विद्युत समस्या के कारण ट्रांसफार्मर ठीक से कार्य नहीं कर पा रहा है। इससे ट्यूबवेल का पंप खराब होने की आशंका बनी रहती है। पेयजल व्यवस्था बाधित होने का खतरा भी रहता है। समिति के सदस्यों ने कहा कि बजट की कमी के कारण संबधित विभाग कुछ नहीं कर पा रहा है। उन्होंने सांसद निधि से ढाई लाख रुपये स्वीकृत कर समस्या के समाधान की मांग की। बताया कि इस नलकूप से भटखोला, छानी, उडेरखानी, लोव, भटगाड़, भनारतोली आदि ग्रामसभाओं के लोगों को पानी मिलता है। हाई वोल्टेज होने से पंप चला पाना संभव नहीं हो पा रहा है, जिसका पेयजल व्यवस्था पर प्रभाव पड़ रहा है। वहां भनारतोली प्रधान पुष्पा जोशी, समिति के सुनील कुमार, मनोज कुमार, ओम प्रकाश टम्टा, विक्रम सिंह, जीवन सिंह, बसंत लाल टम्टा, महेश चंद्र मिश्रा आदि थे। संवाद