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रजिस्ट्रार कानूनगो की हड़ताल को एक महीना हुआ पूरा

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बागेश्वर में मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रजिस्ट्रार कानूनगो। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। रजिस्ट्रार कानूनगो (आरके) संघ के आंदोलन को एक महीना पूरा हो गया है। आरके एक नवंबर से नौ सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। मांगों की सुध नहीं लिए जाने से कर्मचारियों में सरकार के खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है। वहीं हड़ताल से खतौनी, दाखिल खारिज, प्रमाण पत्र बनाने सहित कई कार्य बाधित हो गए हैं। जिसके कारण जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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जिले के सभी पांच आरके जिला कार्यालय में धरने पर डटे हैं। आरके की हड़ताल से खतौनी की नकल नहीं मिल रही है। जिसके कारण स्थायी, जाति, आय, पर्वतीय निवास, मूल निवास प्रमाणपत्र बनाने की कार्यवाही बाधित हो गई है। विरासत और दाखिल खारिज का काम भी प्रभावित हो गया है। दाखा नामांतरण, नाम संसोधन, निर्वाचन संबंधी कार्य पर भी असर पड़ रहा है।
दैवी आपदा की सहायता में सीएम की घोषणा का शासनादेश जारी होने के 20 दिन बाद भी प्रभावितों को सहायता नहीं मिल सकी है। इसके अलावा ड्रोन सर्वेक्षण, स्वामित्व योजना के काम भी ठप हो गए हैं। आरके संघ के सदस्यों ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों का संज्ञान लेकर निदान नहीं करेगी, आंदोलन चलता रहेगा। आंदोलन में देश दीपक वर्मा, शिवदत्त तिवारी, संजय मुनगली, नंदन मटियानी और दयाल गिरी गोस्वामी डटे हैं।
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इन मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन
बागेश्वर। रजिस्ट्रार कानूनगो संघ भूलेख अधिकारी के पदों पर पदोन्नति का न्यायसंगत कोटा निर्धारित करने, आरके पदों का पुनर्गठन, संभाग में अनुसेवक और प्रशिक्षित कंप्यूटर ऑपरेटर की तैनाती, एक महीने का अतिरिक्त वेतन देने, रजिस्ट्रार के रिक्त पदों पर नियमावली के तहत पटवारी संवर्ग के वरिष्ठ कर्मचारियों को पदोन्नत करने की मांग कर रहे हैं।
अरायजनवीसों की रोजी-रोटी भी हुई प्रभावित
बागेश्वर। रजिस्ट्रार कानूनगो की हड़ताल से तहसील परिसर में कार्य करने वाले अरायजनवीसों की आजीविका भी प्रभावित हो गई है। खतौनी की नकल नहीं निकलने से विभिन्न प्रमाण पत्रों को बनवाने का काम प्रभावित होने से अरायजनवीसों के दैनिक कामकाज पर असर पड़ा है। जहां अमूमन तहसील में प्रमाण पत्र बनवाने को लोगों की भीड़ लगी रहती थी, इन दिनों सन्नाटा पसरा है।
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