बागेश्वर। उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुए सामूहिक दुष्कर्म के विरोध में बागेश्वर में कांग्रेसियों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला फूंककर विरोध जताया। उनका कहना है कि यूपी में बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष कवि जोशी के नेतृत्व में एसबीआई तिराहे में एकत्र कांग्रेसियों ने उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेसियों का कहना था कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बुरी तरह बिगड़ चुकी है। यूपी में अपराधियों का बोलबाला हो गया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए यूपी सरकार कोई कदम नहीं उठा पा रही है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने पीड़िता से सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद जीभ तक काट डाली। उन्होंने यूपी के मुख्यमंत्री से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग की।
वहां पूर्व दर्जा मंत्री राजेंद्र टंगड़िया, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष गीता रावल, सुनीता टम्टा, इंदिरा जोशी, लक्ष्मी धर्मशक्तू, गीतांजलि, सोनिया वाल्मीकि, अंकुर उपाध्याय, ईश्वर पांडेय, रोहित खैर, पंकज परिहार, प्रकाश कुमार, भीम कुमार, उमेश मनराल, रिजवान खान, धीरज गड़िया, महेश पंत, हरीश जोशी, इमरान खान आदि थे।
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अनुसूचित जाति, जनजाति महासंघ ने निकाला कैंडिल मार्च
बागेश्वर। अखिल भारतीय अनुसूचित जाति, जनजाति महासंघ ने हाथरस कांड के विरोध में बागेश्वर में कैंडिल मार्च निकालकर विरोध जताया। महासंघ के बैनर तले लोगों ने बुधवार शाम कोतवाली से एसबीआई तिराहे तक कैंडिल मार्च निकालकर यूपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने पीड़िता के साथ गैंगरेप की निंदा करते हुए कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। कहा कि पीड़िता को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। कैंडिल मार्च में संजय, विशाल, तेजपाल, मुकेश, चंदन, सीएल भारतीय, मदन चौहान, विजेंद्र, रेखा, देवी, शकुंतला देवी, दीपा देवी आदि शामिल थे।