बागेश्वर। जिला पंचायत रहतेे हुए कार्यों में अनियमितता के आरोप साबित होने के बाद सदस्यता गंवाने वाले निवर्तमान जिपं सदस्य हरीश ऐठानी ने अपने खिलाफ हुई जांच को राजनीतिक षड्यंत्र बताया है। उन्होंने कहा कि अब तक उन्होंने जो भी चुनाव लड़े हैं, भाजपा उन्हें हरा नहीं पाई है। आगामी समय में पंचायत और लोकसभा के चुनाव होने हैं। जहां उनके रहते भाजपा को भारी नुकसान होना तय था जिसके चलते उन्हें राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाने के लिए जल्दबाजी में सदस्यता समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
पर्यटक आवास गृह में पत्रकारों से बातचीत में पूर्व जिपं अध्यक्ष ऐठानी ने कहा कि उन पर पूर्व विधायक ने आरोप लगाए हैं। आरोपों में कहीं भी वित्तीय अनियमितता की बात नहीं कही गई है। जिन 15 बिंदुओं को उठाया गया है वह जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी, वित्त नियंत्रक, निविदा समिति आदि की संस्तुति के अनुसार होते हैं। बावजूद इसके जांच केवल अध्यक्ष की कराई गई। 28 अप्रैल को सदस्यता समाप्त करने का आदेश उन्हें पांच मई की सुबह मिलता है जबकि इससे पहले वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
आखिर पत्र उनके पास आने की बजाय कैसे वायरल हो गया, यह भी जांच का विषय है। पत्र में इस बात का उल्लेख है कि शिकायत तीन प्रतियों में शपथ पत्र के माध्यम से नहीं की गई जो प्रक्रियात्मक त्रुटि है। बावजूद इसके उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। कहा कि यह सिर्फ पंचायत चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर लिया गया निर्णय है। इस मामले को लेकर विधिक राय ली जा रही है और न्यायालय पर मुझे पूरा भरोसा है। इस मौके पर पूर्व राज्य सभा सदस्य प्रदीप टम्टा, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, जिलाध्यक्ष भगवत डसीला, पूर्व जिलाध्यक्ष लोकमणि पाठक मौजूद रहे।
बच्चों का भविष्य सुधारना गलत तो मैं भरूंगा 60 हजार रुपये
बागेश्वर। पूर्व जिपं अध्यक्ष ऐठानी ने कहा कि राइंका रातिरकेटी में पीटीए शिक्षकों की नियुक्ति वित्त अधिकारी की स्वीकारोक्ति के बाद की गई। भुगतान सीधे प्रधानाध्यापक के खाते में किया गया था। उसी साल विद्यालय बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। अगर बच्चों के भविष्य के लिए मेरी सोच गलत थी तो शिक्षकों को हुए भुगतान के 60 हजार रुपये क्षेत्रवासियों से घर-घर जाकर एकत्र करूंगा और जमा कर दूूंगा। अन्य बिंदुओं पर भी इसी तरह से सवाल उठाकर केवल मेरे राजनीतिक कॅरिअर को खत्म करने का प्रयास है।
ऐठानी की सदस्यता समाप्त होने से कांग्रेसियों में आक्रोश
बागेश्वर। पूर्व जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी की सदस्यता समाप्त किए जाने का कांग्रेस ने विरोध किया है। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने भाजपा पर पूरे देश में विपक्षियों को साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया। प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और मामले में प्रदेश स्तर पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भगवत सिंह डसीला के नेतृत्व में सभी प्रकोष्ठों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में भाग लिया। पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस के जिला पंचायत अध्यक्षों और सदस्यों को जबरन निशाना बनाया जा रहा है। अपने कार्यकाल में बेहतरीन कार्य कर प्रदेश स्तर पर पहचान बनाने वाले ऐठानी के खिलाफ गहरी साजिश रची गई है।
जिलाध्यक्ष डसीला, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण और पूर्व जिलाध्यक्ष लोकमणि पाठक ने कहा कि भाजपा के मंत्री बीच सड़क गालीगलौज और मारपीट करते हैं उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। जनता के हित में कार्य करने वाले कांग्रेस के बड़े नेताओं को राजनीतिक षडयंत्र कर फंसाने का काम किया जा रहा है। कहा कि सरकार के इस रवैये को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस ऐठानी की सदस्यता समाप्त करने के खिलाफ न्यायालय और सड़क पर लड़ाई लड़ेेगी। इस मौके पर महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोपा धपोला, नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट, राजेंद्र टंगड़िया, वंदना ऐठानी, रंजीत दास, दीपक गढि़या, सुुरेेश खेतवाल, खिलाफ दानू आदि मौजूद रहे।