कपकोट के थलीधार में गर्भवती को डोली से अस्पताल ले जाते ग्रामीण। संवाद
कपकोट (बागेश्वर)। आजादी के सात दशक बाद भी कपकोट विधानसभा के दुर्गम थलीधार क्षेत्र के ग्रामीण सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। सड़क सुविधा न होने के कारण जिला अस्पताल में प्रसव के बाद एक प्रसूता को परिजन डोली में लादकर पथरीले रास्तों से पैदल घर ले गए। इस तस्वीर ने पहाड़ की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सड़क की मांग को लेकर थलीधार के ग्रामीणों का आंदोलन रविवार को 53वें दिन भी जारी रहा। क्रमिक अनशन के 53वें दिन राजेंद्र सिंह दानू (43) और रमेश सिंह दानू (38) अनशन पर बैठे। ग्रामीणों का आरोप है कि इतने लंबे समय से शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद शासन और प्रशासन की ओर से सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे क्षेत्रीय जनता में आक्रोश है।
आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक सड़क निर्माण का शासनादेश जारी नहीं होता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष पूर्व कैप्टन रतन सिंह दानू, संरक्षक चरण सिंह बघरी, संयोजक पूर्व कैप्टन महिमन सिंह दानू, सचिव करम सिंह दानू, उपाध्यक्ष शेर सिंह दानू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।