प्रदेश के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बुधवार को हिमगिरी स्वायत्त सहकारी एकीकृत आजीविका परियोजना लौबांज का निरीक्षण किया। तकनीकी संस्था श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम द्वारा गठित इस समूह से जुड़ी महिलाओं से उन्होंने सीधे संवाद किया। आजीविका बढ़ाने के लिए महिलाओं द्वारा किए जा रहे प्रयासों को सराहा।
मुख्य सचिव ने वहां मौजूद महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में आजीविका के माध्यम से महिलाओं में जो आत्मबल बढ़ा है, वह प्रशंसनीय है। उन्होंने केएमवीएन में भी स्थानीय उत्पादों को रखने का आह्वान किया। वहीं सरकारी महकमे को बैठकों में समूहों द्वारा स्थानीय उत्पादों से तैयार बिस्कुट, नमकीन आदि को प्रयुक्त करने को कहा। उन्होंने हस्त शिल्प और स्थानीय लद्यु उद्यम में डिजाइनिंग को बढ़ावा देने के लिए समूहों को प्रशिक्षण देने को कहा। मुख्य सचिव ने डीएम की सकारात्मक पहल की सराहना करते हुए आगे भी समूहों को सहयोग की अपेक्षा की।
उन्होंने विपणन केंद्र में रखे उत्पादों का अवलोकन करते हुए परियोजना की पहल को सराहनीय बताया। जैविक प्रमाणीकरण पर जोर देते हुए क्वालिटी, ग्रेडिंग को बढ़ावा देने के लिए कहा। महिलाओं से कहा कि वे अपने उत्पादों में अधिक से अधिक स्थानीय उत्पादों को शामिल करें। आजीविका प्रबंधक ने बताया कि गरुड़ ब्लॉक में 3300 महिला इस क्षेत्र से जुड़ी हैं, जो स्थानीय दाल, चावल, अदरक, गहत, धनिया, मसाले आदि का उत्पादन कर रही हैं। इससे पूर्व मुख्य सचिव ने कौसानी में अनाशक्ति आश्रम का दौरा कर महात्मा गांधी के चित्रों का अवलोकन किया। प्रबंधक ने आश्रम के पास निर्माणाधीन प्रेक्षागृह के अपूर्ण कार्य के लिए धन आवंटन की मांग की।
इस पर मुख्य सचिव ने डीएम की ओर से संस्कृति विभाग को पत्र जारी करने को कहा। उन्होंने पंत संग्रहालय का निरीक्षण करते हुए संग्रहालय की व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश दिए। इस दौरान कुमाऊं आयुक्त चंद्रशेखर भट्ट, डीएम रंजना राजगुरु, एडीएम राहुल गोयल, सीडीओ केएन तिवारी, एसडीएम रिंकू बिष्ट, सुंदर सिंह, महाप्रबंधक उद्योग बीसी पाठक, आजीविका परियोजना प्रबंधक धर्मेंद्र पांडेय आदि मौजूद थे।