ग्राम पंचायत कर्मी के बैनर तले गांव की लंबित पांच बुनियादी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों का बेमियादी आंदोलन जोरदार नारेबाजी के साथ शुरू हो गया है। पहले दिन पांच महिलाएं क्रमिक अनशन पर बैठीं। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने मांगें शीघ्र पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
आंदोलनस्थल पंचायत घर में मोहनी देवी, हंशी देवी, उमा देवी, हरूली और पुष्पा देवी क्रमिक अनशन पर बैठी। आंदोलनकारियों ने शासन प्रशासन पर गांव की लंबित समस्याओं की अनदेखी का आरोप मढ़ा। सभा में वक्ताओं ने गांव को दूर संचार से दूर रखा गया है। मोबाइल टावर नहीं होने से हर कोई परेशान हैं। गांव के अनेक हिस्सों का विद्युतीकरण नहीं किया गया है। पीने के पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं है।
कपकोट कर्मी सड़क का मिलान बदियाकोट की सड़क से हुआ, लेकिन सड़क की हालत जर्जर है। कपकोट-कर्मी सड़क के निर्माण में कटी भूमि का वर्ष 1977 से अब तक कई काश्तकारों को मुआवजा नहीं मिल सका है। इसके अलावा ओलावृष्टि और सूखे से तबाह हुई फसलों का आज तक प्रभावित मुआवजा नहीं मिला है।
चेेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान शीघ्र नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज होगा। सभा की अध्यक्षता ग्राम प्रधान महिपाल राम और संचालन स्वरूप सिंह कर्म्याल ने किया। वहां नंदन सिंह दुबड़िया, नारायण सिंह कर्म्याल आदि थे।