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Bageshwar News: शिक्षा विभाग के नोटिस पर भड़के निजी स्कूल संचालक, दी मानहानि और विधिक कार्रवाई की चेतावनी

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बागेश्वर। प्राइवेट स्कूल्स वेलफेयर एसोसिएशन और शिक्षा विभाग के बीच रार बढ़ गई है। सीईओ की ओर से निजी विद्यालयों को जारी नोटिस से आक्रोशित स्कूल संचालकों ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन और प्रशासनिक उत्पीड़न करार दिया है। एसोसिएशन ने विभाग के खिलाफ मानहानि का दावा करने और न्यायालय की शरण लेने का निर्णय लिया है।
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बुधवार को आयोजित बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि विभाग से जारी नोटिस की भाषा मानहानिकारक है और बिना तथ्यों के सत्यापन के इसे प्रसारित किया गया है। एसोसिएशन ने मांग की है कि विभाग तत्काल इस पर अपना खंडन जारी करे अन्यथा संगठन मानहानि का वाद दायर करने को मजबूर होगा। संचालकों ने आरोप लगाया कि हर साल मार्च और अप्रैल के महीने में जब प्रवेश प्रक्रिया चल रही होती है, निरीक्षण और नोटिस के नाम पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निजी विद्यालयों की शैक्षणिक स्वायत्तता और पाठ्यपुस्तक चयन की प्रक्रिया में विभाग का हस्तक्षेप असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि अत्यंत कम समय देकर जवाब मांगना न्यायोचित नहीं है। शुल्क निर्धारण के मुद्दे पर बार-बार सवाल खड़े करने को एक्सेसिव रेगुलेशन बताते हुए संगठन ने एक पारदर्शी मॉडल लागू करने की मांग की है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष चंदन परिहार ने कहा कि निजी विद्यालय शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनके संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के लिए आवश्यकता पड़ने पर उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की जाएगी। संगठन जल्द ही इस प्रशासनिक उत्पीड़न के खिलाफ राज्य स्तर पर ज्ञापन सौंपेगा। वहां हरीश चंद्र पांडेय, एनबी भट्ट, घनानंद जोशी, मनोज कपिल, जावेद सिद्धकी, रेखा धामी, जगदीश पाठक, दुर्गा असवाल, गौरव पंत आदि रहे।
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