राज्य वित्त आयोग के बजट में कटौती और पंचायती राज एक्ट लागू नहीं होने के विरोध में ग्राम प्रधानों का कार्य बहिष्कार जारी है। इसके बावजूद ग्राम पंचायतों में स्वच्छता पखवाड़ा के कार्यक्रम को लेकर खुली बैठकें करवाई जा रही हैं। गुस्साए ग्राम प्रधानों ने शुक्रवार सुबह नारेबाजी कर बागेश्वर और कपकोट ब्लॉक के कार्यालयों में ताले जड़ दिए। सभा के बाद सीएम को संबोधित ज्ञापन बीडीओ बीसी पंत को सौंपा।
शुक्रवार सुबह ग्राम प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्षों के नेतृत्व में बागेश्वर और कपकोट ब्लॉक कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी कर कार्यालयों में तालाबंदी कर दी। सभाओं में वक्ताओं ने कहा कि राज्य वित्त में कटौती होने के कारण सभी काम प्रभावित हो गए हैं। इसके बावजूद गांवों में बगैर प्रधान के ही खुली बैठकें आयोजित करने के प्रयास हो रहे हैं, जो सरासर गलत हैं।
बागेश्वर में तालाबंदी करने वालों में ब्लॉक अध्यक्ष गिरीश टंगड़िया, अनिल रौतेला, नवीन कुमार, गोविंदी देवी, कमला जोशी, हरीश त्रिकोटी, पीतांबर, गीता, मुन्नी, नंदन प्रसाद, हेमा, गजेंद्र राणा, सुशीला, राजेंद्र प्रसाद, दीपा, हेमा, भगवती देवी और सुंदर लाल आदि थे।
वहीं, कपकोट में तालाबंदी करने वालों में ब्लॉक अध्यक्ष आनंद मेहता, पूरन कपकोटी, गिरीश चंद्र जोशी, हंसा ड्याराकोटी, भागीरथी देवी, रमुली देवी, नीमा देवी, चंपा देवी, सरस्वती देवी, दरबान कपकोटी, जमन सिंह दानू, गिरीश चंद्र जोशी, भुवन शाही , कुंदन राम, डीआर तिरूवा, शेखर जोशी, दीवानी देवी, नीमा, पार्वती देवी आदि थे।