बागेश्वर में कुमाऊंनी भाषा सम्मेलन की तैयारियों को लेकर बैठक करते भाषा प्रेमी।
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बागेश्वर। जिले में पहली बार आयोजित हो रहे राष्ट्रीय कुमाऊंनी भाषा सम्मेलन की तैयारियां जोरशोर से चल रही है। 25 से 27 दिसंबर तक होने वाले सम्मेलन में कुमाऊंनी के कई वरिष्ठ साहित्यकारों को सम्मानित किया जाएगा। रविवार को हुई तैयारी बैठक में पहली बार सम्मेलन में कर्मवीर पुरस्कार देने का निर्णय लिया गया। इस वर्ष का कर्मवीर पुरस्कार युवाओं को निशुल्क सेना की तैयारी कराने वाले रुनीखेत निवासी नारायण सिंह उन्यूणी को दिया जाएगा। बैठक की शुरूआत में दिवंगत सीडीएस जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि दी गई।
नगर के एक होटल में सम्मेलन की तैयारी बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम संयोजक किशन सिंह मलड़ा ने बताया कि कुमाऊंनी के पांच वरिष्ठ साहित्यकारों को वार्षिक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। वहीं इस वर्ष का राम सिंह लोबियाल स्मृति पुरस्कार वरिष्ठ साहित्यकार और कुसोबात, मेघदूत सार, कर्ण-कुंतीक पीड़ के रचयिता केशवानंद जोशी को देने का निर्णय लिया गया है। बैठक में उद्योगपति नरेंद्र सिंह खेतवाल ने अपने पिता दलीप सिंह खेतवाल की स्मृति में यह पुरस्कार देने का प्रस्ताव रखा। पहले पुरस्कार के लिए भूतपूर्व सैनिक नारायण सिंह उन्यूणी को उनके विशिष्ट योगदान के लिए पुरस्कार देने का फैसला किया गया। संयोजक मलड़ा ने कहा कि सम्मेलन में आने वाले सभी लोगों को कुुमाऊंनी व्यंजन परोसे जाएंगे। बैठक में रवि जोशी, डॉ. केएस रावत, डॉ. केएन कांडपाल, डॉ. शैलेंद्र धपोला, डॉ. राजीव जोशी, मोहन धामी, डॉ. जितेंद्र तेवाड़ी, डॉ. पिंकी पांडेय आदि थे।