बागेश्वर। कोविड संक्रमण को देखते हुए मुस्लिम समाज ने घरों पर सादगी के साथ ईद की नमाज अदा की। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया गया।
मुस्लिम समाज ने अपने-अपने घरों पर ईद की नमाज पढ़ी। एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। देश के अमन-चैन के लिए खुदा से दुआ मांगी। यह लगातार दूसरा मौका है, जब कोविड काल में सादगी के साथ ईद मनाई गई। मुस्लिम समाज के मौलाना मोहम्मद आजम, इकरार अहमद, मोहीउद्दीन अहमद तिवाड़ी, समर तिवाड़ी, शोएब खान, इमरान खान, नाजिम, रिजवान, नईम अहमद आदि ने बताया कि कोविड के कारण घरों पर ईद मनाई गई।
ईद-उल-फितर पर लोगों ने मांगी कोरोना के खात्मे की दुआ
अल्मोड़ा। वैश्विक महामारी कोरोना की दूसरी लहर के चलते इस बार ईद-उल-फितर सादगी के साथ मनाया गया। शुक्रवार को ईदगाह में रस्म अदायगी के तौर पर ईद की नमाज अदा की गई। मुस्लिम समुदाय के अन्य लोगों ने घरों में ही चाश्त की नमाज अदा की। कोरोना के चलते ईद मिलन भी नहीं हुआ। लोगों ने एक दूसरे को सोशल मीडिया, फोन और अन्य माध्यमों से ईद-उल-फितर की मुबारकबाद दी।
कोरोना संक्रमण के चलते खुशी का त्योहार ईद-उल-फितर पर इस बार रौनक कम देखने को मिली। ईद-उल-फितर शुक्रवार को सादगी के साथ मनाया गया। कैंट स्थित ईदगाह में शहर इमाम मुफ्ती जुनैद उल कादरी ने ईद की नमाज रस्म अदायगी के तौर पर प्रतीकात्मक अदा कराई। यहां चंद लोगों ने ही नमाज अदा की। मुस्लिम समुदाय के अन्य लोगों ने अपने-अपने घरों में ही चाश्त की नमाज अदा की। ईद-उल-फितर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अदा कर कोरोना के खात्मे की दुआ की। कोरोना के चलते ईद-उल- फितर पर ईद मिलन भी नहीं हुआ। लोगों ने एक दूसरे, रिश्तेदारों, परिचितों को फोन, सोशल मीडिया समेत अन्य डिजिटल माध्यों से ईद की बधाईयां दी। ईद-उल-फितर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों में मीठी खीर, सेवई आदि समेत विभिन्न पकवान बनाए थे। कोरोना के चलते पिछले साल भी ईद इसी तरह मनायी गई थी।