भारी बारिश के कारण कपकोट के पोथिंग मुनार में एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि गरुड़ के बनतोली में गरुड़ गंगा में बना 25 वर्ष पुराना पैदल पुल ध्वस्त हो गया है। इससे 10 गांवों का आवागमन अवरुद्ध हो गया है। माजखेत में पिछले एक सप्ताह में कई पैदल पुल, रास्ते बह गए हैं।
शनिवार की रात कपकोट में हुई बारिश से पोथिंग मुनार गांव में पुष्पा देवी का मकान क्षतिग्रस्त हो गया। मकान के मलबे में बर्तन, कपड़े दब गए। पुष्पा देवी ने पड़ोस के मकान में शरण ली है। उपराजस्व निरीक्षक कुंदन सिंह ने मौका मुआयना कर क्षति का आंकलन किया।
ग्राम प्रधान चंपा देवी ने प्रशासन से शीघ्र पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। बारिश से कपकोट तहसील के पेठी में पुलिया के आसपास की जमीन धंस गई है। कई चेकडैम भी बह गए। बारिश के दौरान भूस्खलन होने से रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। धंसाव के कारण गांव में कई स्थानों पर आवाजाही के लायक भी रास्ते नहीं बचे हैं। ग्राम प्रधान सुषमा देवली की सूचना पर पटवारी भुवन लाल वर्मा ने मौका मुआयना किया। ग्राम प्रधान ने कपकोट के एसडीएम को आपदा से हुई क्षति की सूचना दे दी है।
गरुड़ क्षेत्र के बनतोली में गरुड़ गंगा में बना 25 वर्ष पुराना पैदल पुल ध्वस्त हो गया। पुल के टूटने से बनतोली, रनकुली, रिठाड़, सरोली, भतड़िया, नौगांव, घिरतोली, सिलंगतोली, पोखरी आदि गांवों का आवागमन अवरुद्ध हो गया है। पुल टूटने से राइंका बनतोली के छात्र-छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ग्राम पंचायत माजखेत में कफलकोट तोक को जोड़ने के लिए बना पैदल पुल 14 मीटर टूट गया है। इससे ग्रामीणों का आवागमन बंद है। गधेरों के उफान पर आने से सिंचाई नहर ध्वस्त हो गई और सिंचाई नहर के पनेले (रास्ते)भी बह गए। ग्रामीण खीम राम का मकान टूट गया। जबकि डिकर राम के घास के लुट्टे, जलौनी लकड़ी बह गई। पैदल संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। लोगड़ गधेरे में पुलिया बह गई। देरोड़ा गधेरे में बनी पुलिया की सुरक्षा दीवारें ध्वस्त हो गई। ग्राम प्रधान हरीश चंद्र पाठक ने बताया कि पिछले माह सुजगांव में एक पैदल पुलिया बह गई थी। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र मुआवजा देने, ग्रामीणों के आवागमन के लिए सुरक्षित पैदल मार्ग बनाने की मांग की है।
सुबह बारिश, दिन में धूप
पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही भारी, हल्की बारिश के बाद रविवार कुछ राहत लेकर आया। सुबह के समय बारिश के बाद दिन में मौसम साफ हो गया। दिन में एक बजे बाद धूप निकली। इससे लगातार बारिश के कारण आफत में पड़े लोगों ने राहत की सांस ली।
रविवार को कहां कितनी हुई बारिश
बागेश्वर - 30 एमएम
कपकोट - 22.50 एमएम
गरुड़ - 12.50 एमएम
नदियों का जलस्तर -
सरयू - 866 मीटर
गोमती - 863.20
डेंजर लेवल - 870.70 मीटर
03बीजीएस 02पी - कपकोट में क्षतिग्रस्त मकान।
03बीजीएस 03 पी - गरुड़ के बनतोली में ध्वस्त पुल।