गरुड़ (बागेश्वर)। वर्तमान समय नारी सशक्तीकरण का है। महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और काबिलियत के दम पर दबदबा बना रही हैं। गरुड़ विकासखंड में महिला जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का ब्लॉक, तहसील और नगर पंचायत में वर्चस्व है।
गरुड़ ब्लॉक की प्रशासक हेमा बिष्ट हैं तो नगर पंचायत अध्यक्ष की जिम्मेदारी भावना वर्मा के पास है। तहसील में तीनों मुख्य पदों पर महिला अधिकारी तैनात हैं। प्रियंका रानी एसडीएम, निशा रानी तहसीलदार और प्राची बहुगुणा नायब तहसीलदार के पद पर तैनात हैं। खंड शिक्षाधिकारी की जिम्मेदारी भी महिला अधिकारी कमलेश्वरी मेहता के पास है। महिला जनप्रतिनिधि और अधिकारी मिलकर क्षेत्र के विकास के लिए कार्य कर रही हैं। इनका मानना है कि बालिकाओं को लेकर अब समाज के दृष्टिकोण में काफी बदलाव आ रहा है। परिवार और समाज से मिल रहे समर्थन से बेटियां अब बेहतर शिक्षा हासिल कर मनमुताबिक कॅरिअर का चयन कर रही हैं। हर क्षेत्र में महिलाएं खुद को साबित कर अपनी अलग पहचान बना रही हैं।
शिक्षा हासिल करने में रोकटोक हटने के बाद पहाड़ की महिलाओं ने तेजी से उन्नति की है। ग्राम प्रधान से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष तक जिले में महिलाओं ने परचम लहराया है। महिलाएं जिम्मेदारी मिलने पर समस्याओं को बेहतर ढंग से समझकर उनका निदान कर सकती हैं।
हेमा बिष्ट, ब्लॉक प्रशासक, गरुड़ फोटो 28 बीजीएस 04 पी
कुछ साल पहले तक ग्रामीण महिलाएं घर से बाहर निकलने में डरती थीं। आज माहौल पूरी तरह से बदल गया है। महिलाएं खेती के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी बढ़ चढ़कर भागीदारी कर रही हैं। महिलाओं को हर मंच पर अपने विचारों को खुल कर रखने का मौका मिल रहा है।
भावना वर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष, गरुड़
महिलाओं ने खुद को साबित करने के लिए परिवार से लेकर समाज तक कई मुश्किलों का सामना किया है। आज महिलाएं अपनी योग्यता के बल पर हर मुकाम हासिल कर रही हैं। महिला हो या पुरुष दोनों की एक अधिकारी के तौर पर जनता की समस्याओं का प्राथमिकता से निदान करना प्राथमिकता रहती है।
प्रियंका रानी, एसडीएम, गरुड़ फोटो
शिक्षा में बेहतर होने के बाद ही आज महिलाओं को उनका हक मिला। महिलाओं के शिक्षित होने से समाज में निश्चित तौर पर सकारात्मक बदलाव आते हैं। वर्तमान में देश के विकास में महिलाओं का योगदान पुरुषों से किसी भी तरह कम नहीं है।
कमलेश्वरी मेहता, खंड शिक्षाधिकारी, गरुड़