प्रशासन द्वारा पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद बागेश्वर की सड़कों में डाले जाने वाले कूड़े में पॉलिथीन ही नजर आ रही है। बागेश्वर में पॉलिथीन का इतना प्रचलन बढ़ गया है कि खेतों से लेकर नदियों तक पॉलिथीन के ही बैग नजर आ रहे हैं। पॉलिथीन के कारण पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है।
हाइकोर्ट के निर्देशों के बाद प्रशासन ने भले ही पॉलिथीन की बिक्री पर सख्ती दिखाई हो, लेकिन लोग अभी भी चोरी-छुपे इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नगर के कूड़ेदानों से लेकर नदियों तक कूड़े में पॉलिथीन के ही बैग नजर आ रहे हैं। बागेश्वर में नगर में पॉलिथीन के कारण बड़ी मात्रा में जल प्रदूषण भी हो रहा है। नदियों के आसपास रहने वाले लोग घरों के कूड़े को पॉलिथीन के बैगों में भरकर नदियों में डाल देते हैं। यह कूड़ा पानी को प्रदूषित कर रहा है।
नगर के सरयू, गोमती और भागीरथी नाले में भारी मात्रा में पॉलिथीन कचरा पड़ा हुआ है। इससे पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। इस संबंध में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी ईश्वर सिंह रावत ने बताया कि पॉलिथीन के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। नगर में लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। जिन दुकानों में पॉलिथीन मिली उनसे जुर्माना वसूला गया है। यदि कोई भी व्यक्ति पॉलिथीन पर सामान ले जाते हुए पकड़ा गया उससे भी जुर्माना वसूला जाएगा। कूड़ा-करकट को कूड़ेदानों के बजाए नदियों में डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नदियों की सफाई पर नजर रखी जा रही है।