गरुड़ (बागेश्वर)। जूनियर हाईस्कूल बदरीनाथ के बच्चों ने वनों को आग से बचाने का संकल्प लिया है। इसके तहत उन्होंने अपने परिजनों, शिक्षकों के साथ स्कूल, रास्तों के किनारे गिरा पिरूल हटाने का अभियान चलाया है। बच्चों ने संकल्प लिया है कि वह इस बार बदरीनाथ के जंगल को किसी भी हालत में नहीं जलने देंगे।
ग्रामीणों और वन विभाग की लापरवाही के चलते बदरीनाथ के जंगल में हर साल आग लगती थी। बैजनाथ वन क्षेत्र के इस जंगल में इस बार भी काफी पिरूल गिरा है। लीसे की मौजूदगी के कारण यह बहुत ज्वलनशील है।
इसलिए बदरीनाथ स्कूल के नवनियुक्त हेड टीचर दलीप भाकुनी ने फायर सीजन शुरू होने से पहले अभिभावकों की बैठक बुलाकर उन्हें जंगलों के आग के दुष्परिणाम बताए। शिक्षक भाकुनी की बात बच्चों और बदरीनाथ के ग्रामीणों को रास आई। तब से स्कूल के बच्चे, अभिभावक रोजाना रेत, लकड़ी से जंगल का पिरूल हटा रहे हैं।
एकत्र पिरूल को ग्रामीण घर ले जाते हैं। शिक्षक भाकुनी ने बताया कि जंगलों को आग से बचाने के लिए ग्रामीणों, बच्चों में जागरूकता लाना सबकी जिम्मेदारी है। इसलिए सबने बदरीनाथ के जंगल को आग से बचाने का संकल्प लिया है। वह डीईओ आकाश सारस्वत से प्रेरित हैं।
गरुड़ (बागेश्वर)। वन पंचायत अणां के सरपंच दलीप सिंह रावत ने वन पंचायत को आग से बचाने के लिए अन्य काम छोड़कर रात-दिन वन पंचायत में ड्यूटी दे रहे हैं। वन पंचायत सरपंच की डर से वन पंचायत की सीमा के अंदर कोई व्यक्ति बीड़ी, सिगरेट नहीं पी सकता। वन पंचायत ने वन पंचायत की सीमा में बीड़ी, सिगरेट पीने वाले व्यक्ति को 500 रुपये वसूलने का निर्णय लिया है।