बागेश्वर। कोरोना की मार से हर वर्ग बेहाल है। तमाम व्यवसाय और रोजगार पर कोरोना की मार पड़ी है। होटल व्यवसाय तो पूरी तरह चौपट हो गया है। बागेश्वर के पिंडारी ग्लेशियर, कौसानी, बैजनाथ और बागेश्वर सैलानियों के दीदार को तरस गए हैं। मई-जून के महीने में जिले में 50 से 60 हजार सैलानी आते थे। इस बार एक भी सैलानी नहीं आ पाया है। जिले में होटल व्यवसाय को करीब छह करोड़ की चपत लग चुकी है। केएमवीएन को भी करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
अकेले कौसानी में 34 और बागेश्वर में 18 होटल हैं। कपकोट, भराड़ी को मिलाकर पूरे जिले में करीब 70 होटल लॉकडाउन के बाद से सूने पड़े हैं। पर्यटन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मई और जून में ही जिले में 40 से 60 हजार तक सैलानी आते थे। पिंडारी ट्रेकिंग रूट गुलजार रहता था। हजारों ट्रैकर पिंडारी ग्लेशियर के दीदार के लिए पहुंचते थे लेकिन इस बार एक भी पर्यटक, ट्रैकर जिले में नहीं पहुंचा है।
केएमवीएन को भी करीब दो करोड़ का नुकसान
बागेश्वर। लॉकडाउन के कारण कुमाऊं मंडल विकास निगम को ही दो करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। बागेश्वर, कौसानी, बैजनाथ में केएमवीएन के गेस्टहाउस हैं। पिंडारी ट्रेकिंग रूट पर लोहारखेत, खाती, द्वाली, फुरकिया और धाकुड़ी में केएमवीएन के मिनी गेस्टहाउस और हट हैं। पिंडारी रूट पर स्थित गेस्टहाउस और हट इस सीजन में भरे रहते थे। सरयू में राफ्टिंग से भी केएमवीएन की आमदनी होती थी।
करीब 600 कर्मचारियों के पेट पर पड़ी लात
जिले के 70 निजी होटलों में करीब 600 से अधिक कर्मचारी काम करते थे। लॉकडाउन के बाद यह सभी बेरोजगार हो गए हैं। यह कर्मचारी घरों को चल दिए हैं।
कोट
होटल व्यवसायी सड़क पर आ गए हैं। बैकों की किश्त अदा करना भी मुश्किल हो गया है। सरकार ने अब होटल खोलने के आदेश तो दिए हैं लेकिन रेड जोन से आने वाले सैलानियों को होटलों में क्वारंटीन करने का फरमान सुना दिया है। इस कारण सैलानी नहीं आ रहे हैं। बबलू नेगी अध्यक्ष होटल एसोसिएशन कौसानी
होटल व्यवसायियों को राहत देने के लिए सरकार को योजना बनानी होगी। लॉकडाउन से होटल व्यवसाय पर बुरा असर पड़ा है। कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं। होटल संचालकों और कर्मचारियों को उन्हें कुछ न कुछ राहत मिलनी चाहिए।
विक्रम सिंह दानू अध्यक्ष होटल एसोसिएशन बागेश्वर
हर साल मई और जून में 50 से 60 हजार पर्यटक और ट्रैकर जिले में पहुंचते थे। लॉकडाउन के कारण इस बार सारी गतिविधियां ठप हैं। होटल व्यवसायियों के साथ ही केएमवीएन को भी बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है।
कीर्ति चंद्र आर्या जिला पर्यटन अधिकारी बागेश्वर