बागेश्वर। विद्यालयों में बाल अधिकारों का सख्ती से पालन कराने और उन्हें शारीरिक-मानसिक उत्पीड़न से बचाने के लिए शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। मुख्य शिक्षाधिकारी ने सभी स्कूलों के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित स्कूल के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
सीईओ विनय कुमार की ओर से जारी पत्र के अनुसार उच्चाधिकारियों और विभिन्न माध्यमों से मिली शिकायत के बाद दिशा निर्देश जारी करने की बात कही गई है। इसके अनुसार विद्यालयों में किसी भी विद्यार्थी का शारीरिक या मानसिक उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। छात्र-छात्रा के साथ मारपीट नहीं की जानी चाहिए। जरूरत के अनुसार विद्यार्थियों की उनके अभिभावकों के साथ काउंसलिंग की जाए।
निजी स्कूलों को विद्यार्थियों के बस्ते का वजन विभागीय निर्देशानुसार रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल बसों में क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को नहीं बैठाने को कहा गया है। उन्हें सड़क पर चलने के लिए नियमों की जानकारी प्रार्थना सभा में देने के निर्देश दिए गए हैं। नशे की लत में पड़ने से पूर्व विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाली हानि और बीमारियों की जानकारी देने को कहा गया है। विद्यार्थियों से सम्मानपूर्ण तरीके से बातचीत करने और संयमित व्यवहार रखने को कहा गया है। सीईओ कुमार ने कहा कि बाल अधिकारों का पालन करने के लिए सभी विद्यालयों को निर्देशित किया गया है। स्कूलों से अपनी छवि का सदैव ध्यान रखने को कहा गया है।