रेल मार्ग को लेकर प्रदर्शन करते आंदोलनकारी।
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ब्रिटिशकाल से प्रस्तावित टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग का निर्माण आज तक शुरू नहीं होने से क्षेत्र के लोगों में गुस्सा है। गुस्साए लोगों ने संघर्ष समिति के बैनर तले रविवार को नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। सभा में वक्ताओं ने केंद्र सरकार से प्रस्तावित रेल मार्ग का निर्माण शीघ्र शुरू करने की मांग की। उन्होंने चेताया कि यदि यह मांग शीघ्र पूरी न हुई तो आंदोलन तेज कर दिया जाएगा।
रविवार सुबह आंदोलनकारी नारेबाजी करते तहसील प्रांगण में जमा हुए और प्रदर्शन किया। संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी की अध्यक्षता में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार पंचेश्वर बांध को महत्व देकर रेल मार्ग की उपेक्षा कर रही है। पंचेश्वर बांध यदि रेल मार्ग के निर्माण में बाधक हुआ तो विरोध किया जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि रेल मार्ग बने बगैर क्षेत्र का विकास संभव नहीं है। इस क्षेत्र के रेल से जुड़ने पर जहां पलायन पर लगाम लगेगी वहीं पर्यटन और व्यापार को भी नए आयाम मिलेंगे। वक्ताओं ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय योजना में शामिल इस मांग को शीघ्र अमलीजामा पहनाने को कहा।
उन्होंने गैरसैंण को राज्य की स्थायी राजधानी बनाने, जिला अस्पताल को बेस अस्पताल बनाने और आपदा प्रभावित कुंवारी गांव को शीघ्र अन्यत्र बसाने की मांग की। सभा का संचालन महामंत्री खड़क राम आर्य ने किया। वहां हयात सिंह मेहता, डुंगर नेगी, गिरीश पाठक, केशवानंद जोशी, लक्ष्मी धर्मशक्तू, शोबन सिंह धानिक, प्रवीण दफौटी, महेंद्र पिल्खवाल, हेमा जोशी, सरस्वती गैलाकोटी और लक्ष्मण सिंह कन्याल आदि शामिल थे।