बागेश्वर। रोडवेज डिपो को चार चालक मिल गए हैं, लेकिन अब भी डिपो में सात चालक और सात परिचालकों की कमी है।
डिपो में चालकों की कमी से बस सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अमर उजाला बीते नवंबर माह से डिपो की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार खबरों का प्रकाशन कर रहा है। हर रोज डिपो की व्यवस्था पर खबरों का प्रकाशन किया जा रहा है। डिपो से मिली जानकारी के अनुसार बीते शुक्रवार को डिपो को नए चालक मिले हैं। अब भी डिपो में 31 के स्थान पर 24 ही चालक तैनात हैं। बात परिचालकों की करें तो 28 परिचालकों के स्थान पर 21 परिचालक तैनात हैं। यदि कोई चालक, परिचालक अवकाश पर रहे तो बस सेवाओं का संचालन प्रभावित हो जाता है।
पुरानी बस बनी बाधक
बागेश्वर। रोडवेज डिपो के पास 15 बसों का बेड़ा है। इनमें से आठ बस काफी पुरानी हैं। आठ लाख किमी से अधिक का सफर तय कर चुकी इन्हीं बसों से यात्री परिवहन सेवा का संचालन किया जा रहा है। बस अक्सर खराब हो जाती हैं। वर्तमान में भी डिपो की चार बस खराब हैं। परिवहन निगम के जीएम दीपक जैन ने बीते मई माह में संवाद न्यूज एजेंसी से बातचीत में डिपो को इस (जून) माह में नई बस देने की बात कही थी लेकिन अब तक नई बस नहीं मिली हैं।
धरमघर, मुनस्यारी अब भी नहीं जा रही बस
बागेश्वर। बस और स्टाफ की कमी के कारण करीब चार महीने से धरमघर-दिल्ली, मुनस्यारी-दिल्ली बस सेवा का संचालन जिला मुख्यालय तक ही हो रहा है। बस धरमघर और मुनस्यारी न जाने से दोनों रूटों के यात्री टैक्सियों का सहारा ले रहे हैं। रोडवेज स्टेशन इंचार्ज केबी उपाध्याय ने बताया कि शनिवार को बागेश्वर-बरेली, अठपैंसिया-दिल्ली, दिल्ली-अठपैंसिया बस सेवाओं का संचालन सुचारु रहा। धरमघर-दिल्ली और मुनस्यारी-दिल्ली बस सेवाओं का संचालन जिला मुख्यालय से ही हो रहा है।