कांडा (बागेश्वर)। पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले की सीमा पर स्थित पौसा गांव में रविवार को कमस्यार घाटी के ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। नरगोली से बेरीनाग मोटर मार्ग के डामरीकरण की मांग के लिए क्षेत्रवासियों ने मानव शृंखला बनाकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने विभागीय उदासीनता और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी भी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह मोटर मार्ग लंबे समय से बदहाल है। जगह-जगह बने गड्ढे और उड़ती धूल के कारण आवाजाही खतरनाक बनी हुई है। बरसात में सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है जिससे मरीजों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को भारी फजीहत झेलनी पड़ती है। सड़क पर उतरे ग्रामीणों के तेवर देख पुलिस-प्रशासन, विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि हरकत में आए।
सांसद अजय टम्टा ने ग्रामीणों को एक माह के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का भरोसा दिया जबकि विधायक फकीर राम टम्टा ने वर्चुअली बैठक को संबोधित करते हुए सितंबर-अक्तूबर तक हर हाल में काम शुरू कराने का आश्वासन दिया।
इसके अलावा पीएमजीएसवाई के विभागीय अधिकारियों ने शासन से बजट आवंटन के साथ दिसंबर 2026 तक टेंडर प्रक्रिया संपन्न कर काम शुरू कराने का लिखित पत्र सौंपा। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया।
इस मौके पर संघर्ष समिति अध्यक्ष डीआर टम्टा, विनोद महरा, भगवान महरा, सुनील रावत, हरीश डसीला, महेश राठौर, भास्कर कुमार, भगवत सिंह रौतेला, राजेश रावत, हयात डसीला, भगवान खाती, गोपा धपोला, सरोज आर्या, हरीश ऐठानी आदि मौजूद रहे।