बागेश्वर। राज्य सरकार की ओर से रक्षाबंधन त्योहार पर बहनों के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सौगात दी गई है लेकिन जिले के कपकोट और गिरेछीना क्षेत्र की महिलाओं के लिए यह घोषणा हवा-हवाई साबित हो रही है। इन प्रमुख मार्गों पर रोडवेज बसों की एक भी सेवा संचालित नहीं होती जिससे क्षेत्र की सैकड़ों बहनों को इस सरकारी योजना का कोई लाभ नहीं मिल पाएगा।
जिले के अति-दूरस्थ कपकोट और गिरेछीना रूट पर लंबे समय से उत्तराखंड परिवहन निगम की बस सेवाएं ठप हैं। त्योहार के मौकों पर जब महिलाओं को अपने भाइयों के घर राखी बांधने जाना होता है तब भी उन्हें सरकारी निशुल्क बस सेवा का आसरा नहीं मिल पाता। मजबूरी में महिलाओं और आम यात्रियों को निजी टैक्सी और केमू बसों का महंगा किराया चुकाकर सफर करना पड़ेगा। पर्व के मौके पर परिवहन निगम की इस अनदेखी से कपकोट और गिरेछीना क्षेत्र के ग्रामीणों व महिलाओं में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
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निगम के पास वर्तमान में चालक और परिचालकों की भारी कमी है। स्टाफ की सीमित उपलब्धता के कारण केवल डिपो के पूर्व निर्धारित मुख्य रूटों पर ही बसों का संचालन किया जा रहा है। जैसे ही अतिरिक्त स्टाफ उपलब्ध होगा, कपकोट और गिरेछीना रूटों पर भी रोडवेज बस सेवा शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। - गुसाईं राम, स्टेशन प्रभारी, रोडवेज डिपो, बागेश्वर