बागेश्वर। नाघरसाहू, चमरौड़ा, टुनेरा, बहाली में खनन पट्टे के लिए आवेदन करने की सूचना से इलाके के लोगों में आक्रोश है। लोगों ने एनओसी में फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने डीएम को ज्ञापन देकर खनन पट्टा जारी न करने की मांग की है।
सेवानिवृत्त कर्नल बीएस रावत के नेतृत्व में डीएम विनीत कुमार को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा है कि नाघरसाहू, चमरौड़ा, टुनेरा, बहाली में खनन पट्टा जारी करने के लिए जिला कार्यालय में फाइल लगाई गई है। फाइल में उन ग्रामवासियों के हस्ताक्षर किए गए हैं, जो गांव में रहते ही नहीं हैं। अनापत्ति देने वाले कई लोगों की जमीन इन गांवों में नहीं है। गांव के लोगों को झूठ बोलकर, प्रलोभन देकर एनओसी पर हस्ताक्षर करने के लिए बाध्य किया जा रहा है।
कहा है कि उपरोक्त गांव नाघर साहू के अलग-अलग तोक हैं। इन गांवों की जमीन उपजाऊ है। पशु चारे के लिए इलाके के लोग इन्हीं तोकों पर निर्भर हैं। बताया है कि गांव के लोगों ने एक मार्च 2019, 27 सितंबर 2012, 29 सितंबर 2009 को डीएम कार्यालय में खड़िया लीज पर आपत्ति लगाई थी। कहा है कि इन तोकों में खनन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इस समस्या का स्थायी समाधान कर देना चाहिए। ज्ञापन में प्रकाश नगरकोटी, तेज सिंह नगरकोटी, नवीन सिंह नगरकोटी, चंद्रभान सिंह नगरकोटी, आनंद सिंह रावत, बचै सिंह रावत, हयात सिंह रावत, हरीश नगरकोटी, भूपाल सिंह रावत, प्रताप सिंह रावत, जगदीश सिंह रावत, बहादुर सिंह नगरकोटी आदि के हस्ताक्षर हैं। डीएम ने इन लोगों को प्रकरण की छानबीन कराने की बात कही है।