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पोथिंग वालों की परेशानी, 15 दिन से नहीं मिला पानी

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कपकोट। पहाड़ में पानी की समस्या आम हो गई है। अधिकतर गांवों में पेयजल स्रोत खत्म हो गए हैं ऐसे में ग्रामीण पूरी तरह पेयजल योजनाओं पर निर्भर हैं। भूस्खलन आदि से पेयजल लाइनों के क्षतिग्रस्त होने पर ग्रामीणों को पीने का पानी जुटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। भदौरा-शामाढूंगा पेयजल योजना की पाइप लाइन की मरम्मत नहीं होने से गांव के 40 परिवारों को दो किमी दूर से पानी ढोना पड़ रहा है।
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पोथिंग ग्राम पंचायत की दूनी, खलीधार, मातोली, महरपानी, जड़बिला, चोरपानी, मल्ला उछात और शामाढूंगा तोकों के 40 परिवारों को जल संस्थान की भदौरा-शामाढूंगा पेयजल योजना से पानी मिलता है। 10 जून को निर्माणाधीन दूणी-उछात सड़क में भूस्खलन होने से खलीधार के पास पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई थी। करीब एक पखवाड़ा बीतने के बाद विभाग ने लाइन दुरुस्त करने की जहमत नहीं उठाई है। मजबूरन ग्रामीणों को दो किमी दूर बने प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि कई बार कहने के बावजूद जलसंस्थान ने कोई कार्रवाई नहीं की है। गांव के हिमांशु जोशी, प्रताप सिंह, संजय जोशी, तारा दत्त जोशी, गणेश चंद्र, लक्ष्मी देवी, हेमा देवी, मोहिनी जोशी आदि ने जलसंस्थान के उदासीन रवैये पर रोष जताते हुए समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है।
जखेड़ा पेयजल योजना से नहीं टपकी पानी की बूंद, लोग परेशान
बागेश्वर। जखेड़ा पेयजल योजना से बृहस्पतिवार से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। शुक्रवार को भी योजना से जुड़े कठायतबाड़ा, ठाकुरद्वारा, नदीगांव, कफलखेत और नगरीय क्षेत्र के नल सूूखे रहे। पानी नहीं आने के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। नगरवासियों ने विभाग से जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है।
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जखेड़ा पेयजल योजना का पाइप क्षतिग्रस्त होने से नगर में दिक्कत हुई। पाइप की मरम्मत का काम चल रहा है। पोथिंग गांव की पेयजल योजना को जल्द दुरुस्त करने के निर्देश भी संबंधित जेई को दे दिए गए हैं। जल्द ही ग्रामीणों को पेयजल संकट से निजात मिल जाएगी। - सीएस देवड़ी, प्रभारी ईई, जल संस्थान बागेश्वर।
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