बागेश्वर। देश एक ओर 5जी की तैयारी में जुटा है, दूसरी ओर पहाड़ के गांव अब भी संचार सुविधा से महरूम हैं। करीब 15 सौ से अधिक की आबादी वाले गांव जगथाना में किसी भी टेलीकॉम कंपनी की संचार सेवा नहीं है। लोगों को अपनों से संपर्क करने के लिए नेटवर्क की तलाश में 10 से 15 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। शासन-प्रशासन से कई बार मांग करने के बावजूद ग्रामीणों को संचार सुविधा दिलाने के प्रयास नहीं किए गए। गांव के युवाओं ने अब जियो कंपनी के राज्य समन्वय अधिकारी को ज्ञापन देकर गांव में मोबाइल टावर लगाने की मांग की है।
कपकोट ब्लॉक की कनलगढ़ घाटी के अंतिम गांव जगथाना में करीब 600 परिवार निवास करते हैं। जिला बनने के 23 वर्ष बीत जाने के बाद भी गांव संचार सुविधा से वंचित है। गांव में आते ही लोगों के मोबाइल शोपीस बन जाते हैं। ग्रामीणों को मोबाइल पर बात करने के लिए सिग्नल की तलाश में ऊंची पहाड़ियों का रुख करना पड़ पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को समस्या से अवगत कराया लेकिन लेकिन समस्या का हल नहीं निकाला गया।
शासन-प्रशासन से नाउम्मीद होने के बाद युवाओं ने शुक्रवार को सामाजिक कार्यकर्ता गंगा सिंह बसेड़ा के नेतृत्व में जियो के जिला कार्यालय में राज्य समन्वय अधिकारी के नाम ज्ञापन भेजकर गांव में जीयो का टावर स्थापित कर लोगों को संचार सुविधा मुहैया कराने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में दयाल सिंह दानू, जीवन सिंह दानू, प्रमोद दानू, गिरीश मिश्रा, योगेश बिष्ट, नंदन सिंह बसेड़ा, हीरा सिंह बसेड़ा आदि मौजूद रहे।
न बच्चे पढ़ पा रहे, न हो रहा वर्क फ्राम होम
पिछले वर्ष से कोरोना काल में बाहरी जनपदों और राज्यों में रहने वाले लोग घर आए हैं। इन दिनों बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन हो रही है। साथ ही कई लोग ऑनलाइन काम भी कर रहे हैं। ऐसे में गांव में संचार सुविधा का अभाव उनके लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। जो लोग आर्थिक रूप से सक्षम हैं वो तो जिला मुख्यालय में किराए का कमरा लेकर काम चला रहे हैं लेकिन अन्य लोगों की परेशानी जस की तस है। गांव के सेना और अन्य बाहरी संस्थानों में कार्यरत युवाओं के माता-पिता भी उनसे फोन पर बात नहीं कर सकते हैं।