जनपद का खुल्दौड़ी गांव तमाम समस्याओं से जूझ रहा है। गांव में न तो प्राथमिक स्कूल है और न ही कोई स्वास्थ्य केंद्र। तीन साल पूर्व स्वीकृत लगभग छह किमी सड़क अभी तक गांव नहीं पहुुंच पाई है। बीमार ग्रामीणों को डोली से चिडंग तक पहुंचाना पड़ता है।
गांव में रहने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी बहुत ही कठिनाई और अभाव में गुजर रही है। गांव के अधिकांश परिवार पलायन कर चुके हैं। ग्रामीणों ने डीएम से गांव तक शीघ्र सड़क निर्माण और समस्याओं के समाधान करने की गुहार लगाई है।
खुल्दौड़ी गांव के काकड़ीगैर तोक निवासी पूर्व सैनिक दीवान सिंह मेहता ने डीएम को लिखे पत्र में कहा है कि तीन साल पूर्व दोफाड़-बालीघाट- खुल्दौड़ी मोटर मार्ग का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। सड़क का सर्वे उनके गांव तक किया गया था।
सर्वे के अनुसार 6.700 मीटर सड़क बनाई जानी थी, लेकिन अब 5.966 किमी सड़क का निर्माण करने की ही बात कही जा रही है। अक्तूबर 2014 में शुरू हुई यह सड़क भी अभी तक पूरी नहीं हुई है। पूर्व सैनिक का कहना है कि सड़क नहीं होने से गांव के लिए खच्चरों से राशन ढुलान होता है।
अधिकांश ग्रामीण अपनी पीठ पर ही जरूरी सामान गांव तक ले जाते हैं। बीमारों को डोली से सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। बच्चों को साक्षर बनाने के लिए गांव में प्राथमिक पाठशाला तक नहीं है। प्राथमिक स्तर के बच्चों को भी पढ़ने के लिए ढाई किमी पैदल चलना पड़ता है।
गांव में किसी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधा भी नहीं है। सुविधाओं के अभाव के कारण अधिकांश परिवार गांव छोड़कर शहरी क्षेत्रों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। पूर्व सैनिक ने जिलाधिकारी से शीघ्र गांव तक सड़क का निर्माण पूरा कराने को लेकर संबंधित विभाग को निर्देशित करने की गुहार लगाई है।