बागेश्वर/गरुड़/कपकोट। जिले में मानसूनी बारिश का दौर जारी है। हालांकि दिन की अपेक्षा रात को अधिक बारिश हो रही है। जिले में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे लेकिन पूरे दिन मौसम साफ रहा। धूप निकलने से बंद सड़कों को खोलने के काम भी तेजी आई। अब छह सड़कों पर यातायात बाधित है।
मौसम विभाग ने जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सोमवार से जिले के स्कूल बंद हैं। बुधवार को भी कक्षा एक से कक्षा 12 तक के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद थे। हालांकि चेतावनी के उलट मौसम खुला रहा। शाम पांच बजे बाद दुगनाकुरी, कपकोट क्षेत्र में बारिश हुई। मंगलवार की रात भी जिले में हल्की बारिश हुई। इस दौरान बागेश्वर विकासखंड में 10, कपकोट और गरुड़ में पांच-पांच मिमी बारिश दर्ज की गई।
जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार बारिश के दौरान कपकोट तहसील क्षेत्र के चुचेर गांव के राम सिंह और बैसानी के धरम राम के आवासीय मकान के आंगन क्षतिग्रस्त हो गए। गरुड़ तहसील के जाख निवासी उमेद सिंह, कालारौबैगांव निवासी सुंदर सिंह और सेलाखोला निवासी बचे सिंह के आवासीय घरों की सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
12 सड़कों पर बंद हुआ था यातायात
बागेश्वर। बारिश के कारण भूस्खलन आने से बंद सड़काें को खोलने के लिए पूरे दिन काम चलता रहा। इस दौरान भानी-हरसिंग्याबगड़, बनलेख-गणुवासिरमोली, शामा-लीती-गोगिना, मुनार बैंड-सूपी, सूपी-हरकोट और नैकानाबसोरा सड़क पर यातायात सुचारू किया। पोथिंग-शोभाकुंड, धैना, बदियाकोट-बोरबलड़ा, खड़लेख-भनार, चेटाबगड़ और काफलीकमेड़ा सड़क पर यातायात बाधित है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि बंद सड़कों को खोलने का काम जारी है। जल्द बाकी सड़कों पर वाहनों की आवाजाही सुचारू करा दी जाएगी।
बिजली लाइन पर गिरा पेड़, खतरा बढ़ा
गरुड़। मवई गांव की बिजली लाइन पर पेड़ गिरने से खतरा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रमोद जोशी ने बताया कि रात के समय गांव को जाने वाली बिजली लाइन पर पेड़ टूटकर गिर गया था। गांव की बिजली आपूर्ति बाधित नहीं हुई है लेकिन तार टूटने और करंट फैलने का खतरा बना हुआ है। एसडीओ आनंद सिंह खोलिया ने बताया कि जेई को मौके पर भेजकर तारों की मरम्मत कराई जाएगी।