कपकोट (बागेश्वर)। सरकारी स्कूलाें में छात्रसंख्या कम होने का असर स्कूलों के अस्तित्व पर पड़ने लगा है। ब्लॉक के दो स्कूल छात्र संख्या शून्य होने से बंद हो गए हैं। छात्र की घटती संख्या का कारण स्कूलों में सुविधाओं की कमी और गांवों से बढ़ता पलायन भी है।
द्वारी गांव के प्राथमिक स्कूल में पिछले दो साल से एक भी प्रवेश नहीं हुआ था। केवल कक्षा दो में एक छात्र पढ़ रहा था वह भी पास होकर दूसरे स्कूल में चला गया। छात्र को पढ़ाने के लिए स्कूल में स्थायी शिक्षक भी तैनात नहीं था। शिक्षा मित्र के सहारे स्कूल चल रहा था जिसे समीपवर्ती के बास्ती के स्कूल में संबद्ध कर दिया है। राजूहा जारती में छह छात्र-छात्राएं अध्ययनरत थे। सभी विद्यार्थी आगे की शिक्षा के लिए दूसरे स्कूल में चले गए। स्कूल में पिछले साल से कोई नया प्रवेश नहीं हुआ था। इस साल भी प्रवेश संख्या शून्य रहने से स्कूल बंद हो गया है। स्कूल में एक ही शिक्षक तैनात थे जिन्हें राउमावि सिराला संबंद्ध किया गया है। बीईओ चक्षुष्पति अवस्थी ने बताया कि गांवों से पलायन के कारण इन स्कूलों में नए प्रवेश नहीं हुए थे। छात्र संख्या शून्य होने से स्कूलों में तैनात शिक्षकों को अन्यत्र संबद्ध किया गया है।