बागेश्वर। पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग को लेकर जिलेभर के कर्मचारियों ने बांह में काला फीता बांधकर कार्य किया। विकास भवन और राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। ओपीएस लागू करवाने के लिए संघर्ष करते रहने की चेतावनी दी।
पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन के बैनर तले कर्मचारियों ने एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) और नई पेंशन योजना (एनपीएस) का विरोध किया। विकास भवन में संगठन के जिलाध्यक्ष नरेंद्र पालनी और कुमाऊं मंडल प्रभारी लक्ष्मण सिंह कोरंगा के नेतृत्व में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि अक्तूबर 2005 के बाद भर्ती कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ नहीं दिया जा रहा है। इन कर्मचारियों के लिए सरकार पहले बाजार आधारित पेंशन स्कीम लेकर आई। इस योजना का कर्मचारी लगातार विरोध कर रहे थे। पिछले साल सरकार फिर से यूपीएस नामक पेंशन योजना लेकर आ गई। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त होने के बाद कर्मचारी सुरक्षित भविष्य की उम्मीद करता है, जबकि वह केवल पुरानी पेंशन योजना में ही मिल सकता है। कर्मचारियों ने सरकार से जल्द एनपीएस और यूपीएस को बंद कर ओपीएस लागू करने की मांग की। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष प्रदीप गढि़या, संजय कुमार टम्टा, संतोष जोशी, धरम कोरंगा, मनमोहन सिंह, ममता आर्या, कमला गोस्वामी, ममता रौतेला समेत तमाम कर्मचारी मौजूद रहे।
राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा ने मनाया काला दिवस
बागेश्वर। यूनिफाइड पेंशन योजना को लागू किए जाने पर राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के सदस्यों ने विरोध जताया है। कर्मचारियों ने लोनिवि कार्यालय परिसर में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। सरकार से पुरानी पेंशन बहाल कराने की मांग की। कार्यालयों में भी कर्मचारियों ने बांह में काला फीता बांधकर कार्य किया।
संगठन के जिलाध्यक्ष अनिल जोशी ने कहा कि पिछले 15 साल से पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग चल रही है। सरकार ओपीएस लागू करने की बजाय एनपीएस के स्थान पर यूपीएस थोपने जा रही है। कहा कि दोनों ही योजनाएं कर्मचारियों का अहित करने वाली हैं। इसके विरोध में कर्मचारी काला दिवस मना रहे हैं। इस मौके पर जय दत्त पांडेय, राजेंद्र देवली, महिपाल सिंह, संतोष कुमार, मीरा चंद्रा, कमला रावत, दिव्या वर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद