बागेश्वर। वित्तीय वर्ष 2024-25 समाप्त होने को है लेकिन जल निगम की इस साल पूरी होने वाली नौ योजनाओं का काम पूरा नहीं हो सका है। इनमें बहुप्रतीक्षित मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना भी शामिल है। हालांकि विभाग ने इस योजना के काम पूरा करने का दावा किया है।
नगरपालिका क्षेत्र में पेयजल संकट को दूर करने के लिए जल निगम ने 2020 में 11.21 करोड़ रुपये से 3.7 एमएलडी की मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना का निर्माण शुरू किया था। वर्ष 2022 में योजना का कार्य पूरा होना था लेकिन अब भी काम चल रहा है। विभाग ने 31 मार्च तक हर हाल में काम पूरा कराने की बात कही है। लोगों को जल्द योजना से पानी मिलने की उम्मीद नहीं है।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस साल मार्च तक 52.78 करोड़ रुपये से बनी कांडा पंपिंग, 18.09 करोड़ से बन रही बैड़ा-मझेड़ा पंपिंग, 14.56 करोड़ रुपये से बन रही तरमोली पंपिंग, 23.18 करोड़ रुपये बन रही कौसानी पंपिंग, 18.14 करोड़ रुपये से बन रही शामा ग्रेविटी, 2.21 करोड़ रुपये से बन रही गनीगांव पंपिंग, 4.54 करोड़ रुपये से बन रही ग्वाड़ पंपिंग और 9.54 करोड़ रुपये की लागत से बन रही देवलचौंरा पंपिंग योजना का कार्य भी पूरा किया जाना था। इनमें देवलचौंरा और ग्वाड़ योजना में ट्रायल शुरू हो गया है। बाकी योजनाओं में 75 से 95 प्रतिशत तक कार्य हुआ है।
मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना का काम पूरा हो गया है। योजना के परीक्षण का कार्य चल रहा है। कनेक्शन देने का काम भी चल रहा है। बाकी योजनाओं में श्रमिकों के अवकाश पर जाने, सामग्री के समय पर नहीं पहुंचने और अन्य कारणों से देरी हो रही है। आगामी वित्त वर्ष में सभी योजनाएं पूरी हो जाएंगी।
विपिन कुमार रवि, ईई, जल निगम बागेश्वर