बागेश्वर। जिले में खनन पर उच्च न्यायालय की रोक के बाद जिला प्रशासन भी सख्ती बरतने लगा है। अनियमितता बरतने वाले खड़िया माइन संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। खनन विभाग ने बंदी के दौरान भी निकासी सामान की निकासी होने पर स्टोन क्रशर को सीज कर दिया है। डीएम आशीष भटगांई ने 31 माइनों के निरस्तीकरण की संस्तुति निदेशालय को भेजी है।
हाईकोर्ट के जिले में खनन पर रोक लगाने के बाद जिला एंटी इलीगल माइनिंग फोर्स का गठन किया गया था। टीम के सदस्यों ने जिले की विभिन्न खदानों का निरीक्षण कर वहां पाई गई अनियमितताओं की जांच कर रिपोर्ट तैयार की। इसके आधार पर लंबे समय से बंद पड़ी और कोर्ट के आदेशों का अनुपालन नहीं करने वाली खानों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। डीएम भटगांई ने बताया कि जिले में खनन गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक है। इसके बावजूद एक स्टोन क्रशर से पुराने रखे माल की निकासी होने की जानकारी मिल रही थी। खनन विभाग ने जांच के बाद क्रशर को सीज कर दिया है।अनियमितता बरतने वाली 31 खड़िया खानों का पट्टा निरस्त करने की संस्तुति भी निदेशालय को भेजी गई है। जिला एंटी इलीगल माइनिंग फोर्स लगातार खनन क्षेत्रों की निगरानी कर रही है।