बागेश्वर। एक सप्ताह की बारिश के बाद अब जिले का मौसम साफ हो गया है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की यातायात व्यवस्था सुचारु नहीं हो सकी है। 14 सड़कों पर यातायात बाधित होने से करीब 30 हजार की आबादी प्रभावित है। लोगों को तहसील या जिला मुख्यालय आने के लिए कई किमी पैदल चलना पड़ रहा है।
मंगलवार को सुबह से ही मौसम साफ रहा। धूप निकलने के बाद तापमान में भी बढ़ोतरी हुई है। जिला मुख्यालय का अधिकतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस से बढ़कर 32 पहुंच गया है। बारिश के दौरान भूस्खलन और मलबा गिरने के कारण बागेश्वर-दफौट, चनौली-जैनकरास, रवाईखाल-कमोल, धैना-लखनी, घटगाड़, कर्मी-बघर-ढोक्टीगांव, भैरू-ओखलधार, दफौट-नौगांव-हरूमंदिर, सूपी-हरकोट, काफलीकमेड़ा, बदियाकोट-बोरबलड़ा, सीरी, कपकोट-पिंडारीग्लेशियर और मुनार-गांसी सड़क पर यातायात ठप हो गया था। सड़कों को खोलने का काम चल रहा है। सड़कें बंद होने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को तहसील मुख्यालय और जिला मुख्यालय आने के लिए कई किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है।
चौबीस घंटे में हुई हल्की बारिश
बागेश्वर। सोमवार को दोपहर तक हल्की बारिश थी जिसके बाद मौसम साफ हो गया था। इस दौरान बागेश्वर में 24 मिमी, गरुड़ में सात मिमी और कपकोट में 7.5 मिमी बारिश हुई। मंगलवार को सरयू नदी का जलस्तर 865.90 मीटर और गोमती नदी का जलस्तर 863 मीटर रहा।
बारिश रुकने के बाद बंद सड़कों को खोलने का काम तेजी से किया जा रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में जिले में फिर से बारिश होने का अनुमान जताया है। इसे देखते हुए प्रशासन अलर्ट है। -शिखा सुयाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, बागेश्वर