बागेश्वर। जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग के माध्यम से जिले में 35 स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहे हैं। मरीजों को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए विभाग ने प्रत्येक केंद्र में फार्मासिस्ट का पद सृजित किया है। राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, पीएचसी और सीएचसी में फार्मासिस्ट के 11 पद रिक्त हैं। फार्मासिस्टों की कमी से दवाओं की आपूर्ति, वितरण, मरीजों को दवा की जानकारी, दवाओं की गुणवत्ता जांच सेवा प्रभावित हो रही है।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पीएचसी काफलीगैर, कौसानी, लोहारखेत, शामा में एक-एक, सीएचसी कपकोट में दो, कांडा में एक संविदा फार्मासिस्ट का पद रिक्त है। राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय भिताड़ी, गुरना, आयुष्मान आरोग्य मंदिर सैंज और सनगाड़ में भी फार्मासिस्ट के एक-एक पद रिक्त हैं। राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय मजियाखेत में चीफ फार्मसिस्ट के तीन पद स्वीकृत हैं जिनमें से केवल दो पदों पर ही नियुक्ति की गई है। चीफ फार्मासिस्ट का एक पद रिक्त है। केंद्रों में फार्मासिस्ट की रिक्तियों के कारण कर्मचारियों का कार्य बढ़ रहा है। कुछ केंद्रों में चिकित्साधिकारी फार्मासिस्ट का कार्य कर रहे हैं तो कुछ केंद्रों में अन्य केंद्रों के फार्मासिस्ट व्यवस्था के तौर पर रिक्तियों का कार्य कर रहे हैं।
स्वास्थ्य केंद्रों में फार्मासिस्ट की नियुक्ति निदेशालय से की जाती है। लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए व्यवस्था के तौर पर अन्य केंद्रों के फार्मासिस्ट संबंधित केंद्र में सप्ताह के दो दिन कार्य कर रहे हैं।
डॉ. निष्ठा कोहली, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, बागेश्वर