गरुड़ (बागेश्वर)। सिमार कन्स्यारी मार्ग पर पग-पग पर बने गड्ढे दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। मोटर मार्ग की हालत बदहाल होने के बावजूद अधिकतर छोटे वाहन चालक जान हथेली पर रखकर मार्ग में वाहन चलाने के लिए मजबूर है।
सिमार कन्स्यारी मोटर मार्ग का निर्माण नब्बे के दशक में हुआ था। मार्ग के निर्माण के लिए अनुसूचित जाति बहुल गांव लखनी के ग्रामीणों और पूर्व प्रधान टीका राम ने कई बार आंदोलन किए थे। मार्ग में लोनिवि ने कई साल पूर्व जो डामर किया था वह उखड़ गया है। मार्ग में जगह जगह पर गड्ढे बन गए है। सड़क के किनारे नालियां नहीं होने से बारिश का पानी सड़क पर बहता है। लोनिवि ने सड़क के किनारे की झाड़ियों भी नहीं काटी है। जैसर के पूर्व बीडीसी सदस्य सुनील पांडे, कन्स्यारी गांव के प्रगतिशील काश्तकार मनोज भरड़ा, दिवान सिंह भरड़ा, लखनी के हरीश राम, शंकर राम ने बताया कि मार्ग पर बने गड्ढों को भरने और डामर करने के संबंध में कई बार शासन-प्रशासन को लिखित मौखिक रूप से अवगत करा दिया है। सरकार ने आज तक ग्रामीणों की जायज समस्या को गंभीरता से नहीं लिया है। संवाद