बागेश्वर। बागेश्वर में सोमवार शाम काफी देर तक मूसलाधार बारिश हुई। बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। मोटासिमल में पेड़ गिरने से करीब आधा घंटे तक बागेश्वर-गरुड़ सड़क बाधित हो गई जबकि पेड़ गिरने से डीडीओ की निजी कार क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं लंबे समय से बंद जिले की तीन सड़कों पर सोमवार को भी यातायात बहाल नहीं हो पाया।
सोमवार शाम चार बजे के बाद आसमान बादलों से घिरने लगा। शाम करीब सवा पांच बजे से जिला मुख्यालय में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। करीब आधे घंटे तक हुई तेज बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। कपकोट के कई इलाकों के साथ जिलेभर में बारिश हुई।
आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बीते चार जुलाई से बंद काफलीकमेड़ा सड़क 26 जुलाई से बंद कठपुड़ियाछीना-सेराघाट और 21 अगस्त से बंद शामा-रामगंगा पुल सड़क पर सोमवार को भी यातायात बहाल नहीं हुआ। सड़कों के बंद होने से लोगों को आवागमन में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। करीब दस हजार की आबादी प्रभावित है। लोगों को वाहन बदल-बदल कर आवाजाही करनी पड़ रही है।
पेड़ गिरने से डीडीओ की कार क्षतिग्रस्त
बागेश्वर। मूसलाधार बारिश के चलते जिला मुख्यालय स्थित केंद्रीय विद्यालय के पास जिला विकास अधिकारी के आवासीय परिसर में पेड़ गिरने से डीडीओ की निजी कार क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं मोटासिमल में पेड़ गिरने से बागेश्वर-गरुड़ सड़क बाधित हो गई। करीब एक घंटे बाद सड़क से पेड़ हटाया गया जिसके बाद यातायात बहाल हो सका। इस दौरान कई वाहन सड़क पर फंसे रहे। संवाद
कौसानी, गरुड़ में मूसलाधार बारिश से नदियों का बढ़ा जलस्तर
गरुड़ (बागेश्वर)। गरुड़ ,कौसानी में शाम छह बजे के बाद मूसलाधार बारिश हुई। इससे जनजीवन बुरी तरह से अस्तव्यस्त हो गया। गरुड़ और गोमती नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। सुरक्षा के मद्देनजर सिचाई विभाग ने बैजनाथ बैराज के सभी गेट खोल दिए गए। किसानों ने मूसलाधार बारिश को फसल के लिए लाभकारी है। संवाद