रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत विकास संघर्ष समिति ने छावनी परिषद की ओर से कराए जा रहे विकास कार्यों में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। गुणवत्ता और वित्तीय अनियमितता की जांच सहित विभिन्न मांगों को लेकर समिति का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को छावनी परिषद रानीखेत के मुख्य अधिशासी अधिकारी नागेश कुमार पांडेय से मिला। उन्हें अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन दिया।
ज्ञापन में स्थानीय पार्कों व विभिन्न स्थानों पर हो रहे धन की बर्बादी और छावनी परिषद के टर्म ठेकेदार की ओर से किस जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच की मांग की। समिति ने कहा कि नगर में जिन लोगों पर भवन निर्माण सहित विभिन्न मामलों में छावनी परिषद की ओर से मुकद्दमे दर्ज किए गए हैं उन्हें वापस लिया जाए। रानीखेत के सिविल एरिया को पालिका में मिलाने, जमीन को रक्षा संपदा विभाग को सौंपने की मांग भी की गई।
मुख्य अधिशासी अधिकारी नागेश पांडेय ने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता को लेकर कोई भी कोताही नहीं बरती जाएगी। समिति की मांग पर उन्होंने खुद मौके पर जाकर कार्यों का निरीक्षण करने का आश्वासन दिया। शिष्टमंडल में कैलाश पांडेय, गिरीश भगत, नंदकिशोर गर्ग, खजान पांडेय, उमेश भट्ट, भुवन साह, मुकेश साह, जयंत रौतेला, डॉ. भैरव पांडेय, दीप पांडेय, हरीश अग्रवाल, हरीश पांडेय, सोनू सिद्धीकी, चंदन गुरुरानी आदि शामिल रहे।