बागेश्वर। बीते नौ मई की रात को हुई भारी बारिश से कपकोट के गैरखेत गांव में काफी नुकसान हुआ था। गांव के जरगाड़ और सिमार तोक में करीब 90 नाली उपजाऊ जमीन मलबे से पट गई थी। जरगाड़ तोक की पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। गांव के पास से बहने वाला गधेरा भी मलबे से भर गया था। अब तक प्रशासन न तो मलबा हटा सका है और न ही पेयजल लाइन की मरम्मत हुई है।
गैरखेत गांव के जरगाड़ और सिमार तोक में बारिश से काफी नुकसान हुआ था। सड़क कटान के दौरान गधेरे में डाली गई मिट्टी और मलबा बारिश में बहकर ग्रामीणों के खेतों में समा गया था। जरगाड़ तोक में पेयजल लाइन टूटने से नौ परिवारों के सामने पेयजल संकट पैदा हो गया था। घटना के बाद राजस्व और सिंचाई विभाग की टीम ने गांव का भ्रमण कर नुकसान का आकलन किया। ग्राम प्रधान मंजू देवी, सामाजिक कार्यकर्ता दर्वान सिंह कपकोटी ने बताया कि सिंचाई विभाग ने गधेरे और खेतों में जमा मलबा जेसीबी की मदद से हटाने का आश्वासन दिया था। अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। बारिश के बाद से जरगाड़-दिग्तोली नहर में भी पानी नहीं चल सका है।
इधर, सिंचाई विभाग के ईई जेएस बिष्ट ने बताया कि आपदा न्यूनीकरण के तहत गधेरे की सफाई के लिए 9.60 लाख का इस्टीमेट बनाकर जिला प्रशासन को भेजा गया है। तहसील प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार खेतों से मलबा हटाने के लिए इस्टीमेट बनाया जाएगा। पेयजल लाइन में हल्की टूट-फूट होगी तो उसे ठीक करा दिया जाएगा। बड़ी समस्या होने पर बजट के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।