बागेश्वर। जिला अस्पताल में तैनात एकमात्र निश्चेतक के अवकाश पर होने के कारण जिला अस्पताल में ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। इस कारण मरीजों और उनके तीमादारों को परेशानी हो रही है।
जिला अस्पताल में तीन के बजाय मात्र एक निश्चेतक तैनात हैं। जिला अस्पताल में तैनात महिला निश्चेतक पांच दिन पहले 15 दिन के अवकाश पर चली गईं थी। तब से निश्चेतक के न होने से इन दिनों जिला अस्पताल में ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। शनिवार को नेपाल मूल के पूरन के पुत्र दीपक को जिला अस्पताल लाया गया था।
पूरन परिवार के साथ कपकोट के दुलम में रहता है। गिरने से दीपक का हाथ फ्रैक्चर हो गया था। उसके हाथ का ऑपरेशन होना था लेकिन निश्चेतक न होने से उसका ऑपरेशन नहीं हो पाया। ऑपरेशन के कई मामले रुके हैं। लोगों को ऑपरेशन के लिए अन्य जिलों के अस्पतालों की शरण लेनी पड़ रही है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके टम्टा ने बताया कि अस्पताल में तैनात एकमात्र निश्चेतक का बच्चा बीमार है। इसलिए पांच दिन पहले 15 दिन के अवकाश पर गईं हैं। सीएमएस ने भी कहा कि निश्चेतक के बगैर ऑपरेशन नहीं हो सकते। संवाद