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बागेश्वर में अमन, चैन के साथ पढ़ी गई ईद की नमाज

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बागेश्वर की जामा मस्जिद में ईद की नमाज पढ़ते लोग। - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। ईद उल अजहा का त्यौहार जिले भर में अकीदत, भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाया गया। लोगों ने सामूहिक रूप से ईद की नमाज अदा की और अमन की दुआएं मांगीं। उसके बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू हो गया, जो बुधवार की शाम सूर्यास्त तक जारी रहेगा।
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सोमवार को सुबह से ही मुस्लिम बहुल इलाकों में ईद का जश्न था। आंख खुलते ही लोग नमाज और कुर्बानी की तैयारियों में जुट गए। ईदगाह में नमाज पढ़ी जानी थी लेकिन सुबह बारिश होने के कारण जामा मस्जिद परिसर में ईद की नमाज अता की गई। इमाम मो. रहीफ ने लोगों को खिताब करते हुए कहा कि कुर्बानी की फजीलत बताई। कहा कि यह बहुत बड़ा अमल है। इसकी नुमाइश न करें, बल्कि सादगी के साथ काम को अंजाम देें। उन्होंने ईद के मौके पर बुराइयों को छोड़ने और अच्छाई के रास्ते पर चलने की अपील की।
नमाज अता करने के बाद सभी ने एक दूसरे के गले मिलकर ईद की बधाई दी। इसके बाद कुर्बानी का दौर चला। वहां इनमें जामा मस्जिद के सदर हाजी नूर, हाजी मो. इश्त्याक, हाजी अकलम, शोएब अख्तर, फुरकान अहमद, फिरोज अख्तर, याकूब, मुख्तार अहमद तिवारी, शकील अहमद, हाजी हसीन, मो. मुस्तफा, मो. अरसद, तारिक हुसैन, नाजिम हुसैन, इकरार अहमद, रिजवान खान, जुबैद अहमद आदि थे। वहीं कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने गरुड़ क्षेत्र में जाकर लोगों को ईद की बधाई दी।
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नमाज के बाद बुजुर्गों की कब्रों पर रही हाजिरी
खुशी के इस मौके पर लोगों ने अपने मरहूम अजीजों को भी याद किया। ईद की नमाज के बाद कब्रिस्तान जाकर अपनी अजीजों और बुजुर्गों की कब्रों पर हाजिरी दी और दुआएं कीं।
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