बागेश्वर। बागेश्वर के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय को 17 साल बाद अपना परिसर मिलेगा। परिसर निर्माण के लिए चयनित जमीन वन अधिनियम से मुक्त हो गई है। क्षेत्रीय विधायक पार्वती दास ने इसकी पुष्टि की है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने अपर मुख्य सचिव (वन) को भेजे पत्र में परिवहन विभाग के कार्यालय, आवासीय भवन, ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक, ट्रैफिक अवेयरनेस सेंटर के लिए प्रस्तावित 0.74 हेक्टेयर वन भूमि गैर वानिकी कार्य के लिए उत्तराखंड परिवहन विभाग को प्रत्यावर्तन करने की जानकारी दी है। कहा है कि वन भूमि की एवज में बागेश्वर के छतीना में वन विभाग की डेढ़ हेक्टेयर जमीन में प्रतिपूरक वनीकरण किया जाएगा। विभिन्न प्रजाति के 1500 पौधे लगाए जाएंगे।
वर्ष 1997 में बने बागेश्वर जिले में वर्ष 2007 में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी का कार्यालय खुला। तब से कार्यालय तमाम व्यवस्थाओं के बीच किराये के भवनों में चल रहा है। शुरुआत में कांडा रोड पर किराये के भवन में एआरटीओ कार्यालय चलता था। वर्तमान में मल्ला बिलौना में किराये के भवन में कार्यालय संचालित होता है।
गाड़गांव में बनेगा कार्यालय
बागेश्वर। एआरटीओ कार्यालय के लिए कांडा रोड के गाड़गांव में भूमि चयनित की गई है। इस भूमि में विभिन्न प्रजातियों के 21 पेड़ आ रहे थे। वन भूमि निस्तारण की प्रक्रिया पिछले तीन साल से चल रही थी। अब जाकर निस्तारण हुआ है।