अभिभावकों ने पब्लिक स्कूल संचालकों पर दोबारा प्रवेश के नाम पर शुल्क वसूलने का आरोप लगाया है। अभिभावकों ने बताया कि कुछ पब्लिक स्कूल रीएडमिशन के नाम पर अभिभावकों से मनमाना शुल्क वसूल रहे हैं। जिसका विरोध किया जाएगा।
मार्च- अप्रैल महीने में हर साल अभिभावकों व पब्लिक स्कूल संचालकों का विवाद चरम पर होता है। पब्लिक स्कूल संचालकों पर अभिभावक मनमाना शुल्क वसूलने का आरोप लगाते हुए इसे रद करने की मांग करते हैं। जबकि पब्लिक स्कूल कभी मेंटिनेंस शुल्क तो कभी शैक्षिक भ्रमण शुल्क आदि का नाम देते हैं। इस बीच अभिभावकों ने शहर के कुछ निजी स्कूलों पर रिएडमिशन के नाम पर शुल्क वसूलने का आरोप लगाया है। कहा कि कक्षा बदलने पर भी निजी स्कूल रिएडमिशन शुल्क वसूल रहे हैं। कुछ स्कूल मेंटिनेंस शुल्क का नाम देकर अभिभावकों से शुल्क वसूल रहे हैं।
अभिभावकों की कोर्ट जाने की धमकी
निजी स्कूलों द्वारा रिएडमिशन शुल्क वसूलने से भड़के अभिभावकों ने निजी स्कूलों के इस फैसले को अदालत में चुनौती देने की चेतावनी दी है। कहा कि रिएडमिशन शुल्क वसूलना गैर कानूनी है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
निजी स्कूलों पर रिएडमिशन शुल्क वसूलने के आरोप निराधार हैं। पहली बार प्रवेश लेने वाले बच्चे से ही प्रवेश शुल्क लिया जाता है। कुछ निजी स्कूल फर्नीचर व कमरों की मरम्मत के लिए मेंटीनेंस शुल्क ले रहे हैं। - घनानंद जोशी, अध्यक्ष पब्लिक स्कूल एसोसिएशन