अलग राज्य बने अब 15 बरस पूरे होने को हैं, लेकिन आज तक राज्य का अपना पंचायती एक्ट नहीं बन सका है। एक्ट के नहीं बनने से जहां विकास योजनाओं पर प्रतिकूूल असर पड़ा है, वहीं पंचायत प्रतिनिधियों को भी खासी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।
तोली के बीडीसी सदस्य प्रकाश चंद्र जोशी ने चेेतावनी दी है कि यदि प्रदेश सरकार ने शीघ्र ही एक्ट लागू नहीं किया तो सहयोगी सदस्यों के साथ आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गत जुलाई में देहरादून में मुख्यमंत्री ने शिष्टमंडल को आश्वस्त किया था कि सितंबर तक एक्ट लागू हो जाएगा, लेकिन नहीं हुआ।
उमीद थी कि गैरसैंण विधानसभा की बैठक में पंचायती एक्ट पेश किया जाएगा, लेकिन यह सत्र भी बेकार ही गया। 14वें वित्त आयोग का बजट जनसंख्या के आधार पर आता है।
एक सदस्य के पास दो से अधिक गांवों का प्रतिनिधित्व है। लोगों को उनसे विकास की काफी अपेक्षा रहती हैं, लेकिन कम बजट से सभी गांवों का विकास नहीं हो पाता है। बीडीसी सदस्यों को ब्लाक प्रमुख चुनने के अधिकार के अलावा कुछ भी नहीं दिया गया है। उन्होंने चेेतावनी दी कि यदि राज्य का पंचायती एक्ट शीघ्र लागू न हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।