कौसानी से हिमालय और सूर्यास्त का दृश्य देखते पर्यटक।
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बागेश्वर। थर्टीफर्स्ट के लिए गरुड़ के कौसानी और कपकोट के धूर और शामा क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां बढ़ गई हैं। कौसानी सैलानियों से पैक हो गया है। लेकिन यहां लोगों को बिजली, पानी, अलाव की सुविधा नहीं मिल पा रही है। पर्यटन कारोबारियों द्वारा सुविधाओं मुहैया कराने की मांग उठाने पर विभागों द्वारा उन्हें नोटिस थमाए जा रहे हैं। प्रशासन के इस रवैये से व्यवसायी खासे परेशान हैं।
कौसानी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष बबलू नेगी ने बताया कि विभागीय अधिकारी और प्रशासन उन्हें कोई सहयोग नहीं कर रहा है। डीएम रंजना राजगुरु के आश्वासन के बावजूद विभागीय अधिकारी अलाव जलाने तक की व्यवस्था नहीं कर पाए हैं। उन्होंने बताया कि यहां ऊर्जा निगम और जल संस्थान के पास स्टाफ की कमी है। कौसानी का अलग बिजली फीडर भी नहीं बन सका है।
जिसके चलते नौघर, रतमटिया, लौबांज क्षेत्र में आए फॉल्ट को सुधारने के लिए भी कौसानी की बिजली काट दी जा रही है। स्वच्छता को लेकर पहले पर्यटन विभाग की ओर से नोटिस मिला था। उद्यमियों को अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों का हवाला देकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय हल्द्वानी (पीसीबी) की ओर से भी को नोटिस भेज दिए हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद जिला पंचायत कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं कर सकी है। इसके लिए आए डस्टबिन सालभर से डाक बंगले के पास धूल फांक रहे हैं। अब उनमें जंक लगने का खतरा है।