बागेश्वर में बैंकरों की बैठक लेतीं डीएम रंजना राजगुरु।
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बागेश्वर। जिला स्तरीय पुनरीक्षण (डीएलआरसी) सह जिला सलाहकार एवं समन्वय समिति की बैठक में जिलाधिकारी रंजना राजगुरु ने ऋण जमा अनुपात की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने बैंकर्स और विभागीय अधिकारियों को तालमेल बनाकर ऋण जमा अनुपात बढ़ाने के निर्देश दिए। कहा कि विभाग पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाएं।
कलक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम रंजना राजगुरु ने ऋण जमा अनुपात की त्रैमासिक प्रगति की समीक्षा की। बैठक में अग्रणी बैंक अधिकारी मनोहर पांगती ने बताया कि इस त्रैमास में लद्यु उद्योग एवं सेवा व्यवसाय क्षेत्र में 120.44 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसके सापेक्ष 37.36 करोड़ की उपलब्धि रही है जो लक्ष्य का 31.02 प्रतिशत है। उन्होंने कृषि मियादी ऋण बांटने का लक्ष्य 35.90 करोड़ रुपये था। इसके सापेक्ष 4.22 करोड़ का ही लोन बांटा गया जो कि लक्ष्य का 11.76 प्रतिशत है।
डीएम रंजना राजगुरु ने लक्ष्य के सापेक्ष कम ऋण वितरित किए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जहां एक ओर केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य रखा है लेकिन इसमें बैंकर बाधक बन रहे हैं। इसे सहन नहीं किया जाएगा। लापरवाह बैंक प्रबंधकों पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में प्रभारी सीडीओ केएन तिवारी, सीवीओ डॉ. उदय शंकर, डीएसओ अरुण कुमार वर्मा, जीएम डीआईसी विमल चंद्र चौधरी, जिला समाज कल्याण अधिकारी एनएस गस्याल, जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्या, बीडीओ आलोक भंडारी सहित कई बैंक शाखा प्रबंधक मौजूद थे।
564 लोगों को 889.12 लाख का ऋण बांटा
बागेश्वर। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत इस साल जिले में 564 लोगों को 889.12 लाख का ऋण मिला। इस साल सितंबर तक शिशु वर्ग में 220 लोगों को 54.13 लाख, किशोर वर्ग में 301 लोगों को 519.60 लाख, तरुण वर्ग में 43 लोगों को 359.04 लाख का लोन बांटा जा चुका है। इसकी वसूली तय किस्तों में की जा रही है। ब्यूरो