गरुड़ (बागेश्वर)। न्यायिक मजिस्ट्रेट गरुड़ जैनब की अदालत ने आरटीआई कार्यकर्ता की आड़ में रंगदारी मांगने के अभियुक्त गोपाल वनवासी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
रीठा, कंधार निवासी वनवासी को मेलाडुंगरी निवासी बलवंत सिंह की शिकायत के आधार पर बैजनाथ पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बलवंत ने 22 नवंबर को अभियुक्त के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
इसमें बताया गया कि अभियुक्त ने उसके मकान को ध्वस्त करने का आदेश लाने की धमकी देकर एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। फर्जी शिकायत कर जेल भेजने की धमकी भी दी थी। पुलिस ने मामले में डरा-धमकाकर रंगदारी वसूलने की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज किया था। विवेचना के बाद अभियुक्त को 25 नवंबर को गिरफ्तार किया। अभियुक्त की ओर से न्यायालय में जमानत की अर्जी दी थी। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
अभियुक्त के खिलाफ पूर्व से भी रंगदारी मांगने का केस चल रहा है। अपहरण और आत्महत्या के लिए उकसाने के जुर्म में वह पांच साल की जेल भी काट चुका है।