जिलाधिकारी ने कांडा क्षेत्र की दो खड़िया खानों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मानक के अनुसार खनन नहीं करने पर एक खड़िया खान को अग्रिम आदेश तक बंद करने और अनियमितता पर एक खान को निरस्त करने के आदेश दिए। डीएम की इस कार्रवाई से खड़िया खानों के संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
रविवार को जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने कांडा क्षेत्र की खड़िया खानों का निरीक्षण किया। शिवा माइंस ढुंगापालटी में मानकों के अनुसार खनन नहीं किया जा रहा था। मलबा नदी की ओर फेंका गया था, जबकि मलबे को रोकने के लिए रिटर्निंग वॉल भी नहीं बनाई गई थी।
पैमाइशी नहर को मलबे से क्षति पहुंची थी। निरीक्षण के दौरान डीएम को माइन इंजीनियर भी अनुपस्थित मिला। इंजीनियर की अनुपस्थिति में खनन कार्य किया जा रहा था। डीएम को निरीक्षण में खनन क्षेत्र में मजदूूरों के लिए शौचालय और आवास की व्यवस्था भी नहीं मिली।
खच्चरों से खड़िया ढुलान के कारण गांव का पैदल मार्ग भी क्षतिग्रस्त मिला। इस पर डीएम ने अग्रिम आदेशों तक खनन कार्य बंद करने के निर्देश दिए। इसके बाद डीएम ने किमोली माइंस का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें खनन कार्य बंद मिला।
खान मालिक द्वारा मुख्य सड़क से खनन क्षेत्र तक सिविल व वन पंचायत की भूमि में बिना वन विभाग की पूर्वानुमति के लगभग 250 मीटर लंबाई और 4.80 मीटर चौड़ी सड़क की खुदाई की गई थी।
डीएम ने नियमों को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से सड़क काटने पर नाराजगी जताते हुए पटवारी को कड़ी फटकार लगाई और वन कर्मचारी से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।
उन्होंने बागेश्वर के एसडीएम को खान मालिक द्वारा राजस्व व वन पंचायत भूमि में बनाई गई सड़क की जांच के लिए वन विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारियों की टीम गठित करने और माइंस के निरस्तीकरण के निर्देश दिए।
डीएम ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में हर माह खड़िया खानों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर एसएस राणा, पटवारी देवेंद्र लोहनी, भूपाल मटियानी, कुंदन लाल, कानूनगो आनंद पुरी, प्रशासनिक अधिकारी दिनेश खेतवाल आदि मौजूद थे।